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MP News: उज्जैन के 84 महादेव, कैसे बने यह मंदिर, मान्यता क्या? महाकाल के द्वारपाल कौन और कहां; सब कुछ जानिए

Sat, 15 Mar 2025 12:58 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

Ujjain 84 Mahadev Temple: मान्यता है कि उज्जैन में स्थित 84 महादेव की परिक्रमा करने से व्यक्ति को 84 लाख योनियों से मुक्ति मिलती है। उसे मोक्ष प्राप्ति होता है। जीवन में जाने-अनजाने किए गए पापों का नाश होता है। जानिए, कहां है ये सभी मंदिर?
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बाबा महाकाल की नगरी में 84 महादेव मंदिर।
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विस्तार
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Ujjain 84 Mahadev Temple: महाकाल की नगरी उज्जैन देश में भगवान शिव के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। यहां 84 महादेव मंदिरों की एक अनोखी श्रृंखला है, जिसके दर्शन करने से भक्त को मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसा माना जाता है कि इन 84 शिवलिंगों की पूजा करने से मनुष्य के 84 लाख योनियों के बंधन खत्म हो जाते हैं। सिंहस्थ 2028 को लेकर इन 84 महादेव मंदिरों का कायाकल्प किया जाएगा, जिसके लिए योजना बनाई जा रही है।

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सबसे पहले जानिए, 84 महादेव का पौराणिक महत्व
शिव पुराण और स्कंद पुराण में उल्लेख के अनुसार एक समय उज्जैन में दूषण नाम के असुर का आतंक था। उसने शिवभक्तों और मंदिरों को नष्ट करना शुरू कर दिया था। इसके बाद भगवान शिव ने स्वयं अवतार लेकर राक्षस का संहार किया। जब दूषण मारा गया, तब उसके शरीर से 84 बिंदुओं पर रक्त की बूंदें गिरीं और उन स्थानों पर भगवान शिव ने अपने 84 रूपों में स्वयं को प्रकट किया। यही 84 महादेव के रूप में प्रसिद्ध हुए।

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84 महादेव यात्रा का महत्व
मान्यता है कि 84 महादेव की परिक्रमा करने से व्यक्ति को 84 लाख योनियों से मुक्ति मिलती है। उसे मोक्ष प्राप्ति होता है। जीवन में जाने-अनजाने किए गए पापों का नाश होता है। भगवान शिव की कृपा से जीवन में सुरक्षा और सुख-शांति बनी रहती है। अकाल मृत्यु का संकट टल जाता है। श्रावण मास और अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में  84 महादेव की परिक्रमा का विशेष महत्व होता है।

84 महादेव ही अचल रहेंगे
महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित 84 महादेवों की अर्चना श्रावण माह में विशेष रूप से की जाती है। जब पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) आता है, तब भी दर्शन यात्रा की जाती है। स्कंद पुराण के अनुसार, 84 लाख योनियों का भ्रमण करते हुए जब मानव योनि प्राप्त होती है, तब पिछले जन्मों के दोषों से मुक्ति के लिए 84 महादेव के दर्शन करने का विधान है। यह भी कहा जाता है कि प्रलय के समय 84 महादेव ही अचल रहेंगे।

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मारकंडेश्वर महादेव: मान्यता है कि जन्मदिन के दिन यहां पूजा करने से आयु में वृद्धि होती है। - फोटो : अमर उजाला
जानिए, कहां विराजमान हैं 84 महादेव
  1. श्री अगस्तेश्वर महादेव: हरसिध्दि मंदिर  के पीछे संतोषी माता  के  मंदिर  मे  यात्रा  यही से  प्रारंभ होती है , तथा अन्त मे पुन: श्री अगस्तेश्वर महादेव के दर्शन -पूजन  के उपरांत संपूर्ण होती है
  2. श्री गुहेश्वर महादेव:  शिप्रा किनारे रामघाट पर बिना शिखर का मंदिर। श्री धर्मराजजी मंदिर के पास नदी किनारे।
  3. श्री ढूंढेश्वर महादेव: शिप्रा किनारे रामघाट के सामने  सीढ़ी पर बाईं ओर ।
  4. श्री डमरूकेश्वर महादेव: रामघाट पर, राम सीढ़ी पर।
  5. श्री अनादिकल्पेश्वर महादेव:  महाकाल मंदिर क्षेत्र के जूना महाकाल मंदिर के पास।
  6. श्री स्वर्णज्वालेश्वर महादेव: राम सीढ़ी पर, श्री ढूंढेश्वर महादेव के ऊपर।
  7. श्री त्रिविष्टेश्वर महादेव: महाकाल मंदिर क्षेत्र में, ओंकारेश्वर मंदिर के पीछे और महाकाल के सभा मंडप की सीढ़ी के पास।
  8. श्री कपालेश्वर महादेव: श्री अवंतिपाश्वनाथ तीर्थ के चौराहे से बड़े पुल जाने पर, घाटी पर बाईं ओर।
  9. श्री स्वर्णद्वारपालेश्वर महादेव: महाकाल चौराहे से हरिफाटक ब्रिज जाने पर, बाईं ओर पुलिया के नीचे।
  10. श्री ककोर्टेश्वर महादेव : हरसिद्धि मंदिर के परिसर में।
  11. श्री सिद्धेश्वर महादेव:   सिद्धनाथ मंदिर में, सिद्धनाथ घाट के नए दरवाजे के पास।
  12. श्री लोकपालेश्वर महादेव:  कार्तिक चौक से रघुवंशी मार्ग की दाईं ओर की गली में, सीधे चौक में।
  13. श्री मनकामेश्वर महादेव:  शिप्रा नदी के छोटे पुल से रामघाट जाने के मार्ग पर, गंधर्व घाट पर उदासीन अखाड़े के पास।
  14. श्री कुटुम्बकेश्वर महादेव:  कार्तिक चौक सिंहपुरी में श्री गोवर्धन नाथजी की हवेली (पुष्टिमार्गीय ) से आगे ।
  15. श्री इंददयुम्नेश्वर महादेव:  पटनी बाजार से मोदीजी के गली में खोखो माता मंदिर से पहले।
  16. श्री ईशानेश्वर महादेव:  श्री इंददयुम्नेश्वर महादेव से पहले।
  17. श्री अप्सरेश्वर महादेव: पटनी बाजार के पास सुगंधी गली में।
  18. श्री कलकलेशश्वर महादेव:  श्री ईशानेश्वर  महादेव से आगे की पहली गली में दाईं ओर।
  19. श्री नागचंद्रेश्वर महादेव:  पटनी बाजार के पास नागनाथ की गली में।
  20. श्री प्रतिहारेश्वर महादेव:   श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के परिसर में।
  21. श्री कुक्कुटेश्वर महादेव: शिप्रा नदी के छोटे पुल से रामघाट जाने के मार्ग पर उदासीन अखाड़े के पास।
  22. श्री कर्कटेश्वर महादेव: ढाबा रोड से दानी गेट पर श्री पोरवाल धर्मशाला के पास गली से सीधे अंदर सीधे हाथ पर।
  23. श्री मेघनादेश्वर महादेव: सतीगेट से गोपाल मंदिर मार्ग पर पहली गली, छोटा सराफा में नरसिंग मंदिर के पीछे।
  24. श्री महालयेश्वर महादेव: श्री सिद्धेश्वर महादेव के पीछे लेफ्ट साइड की गली में।
  25. श्री मुकक्तेश्वर महादेव: श्री सिद्धेश्वर महादेव के पीछे राइट साइड की गली, लेफ्ट साइड की पहली गली में।
  26. श्री सोमेश्वर महादेव: श्री अवंतिपाश्वनाथ तीर्थ के चौराहे से बड़े पुल जाने पर, घाटी पर दाईं ओर।
  27. श्री अनकेश्वर  महादेव: आगर रोड पर, मकोडियाम चौराहे से अंकपात जाने के मार्ग पर, बिजलीघर से आगे और बाईं ओर की पहली गली में।
  28. श्री जटेशश्वर महादेव: अंकपात चौक से मकोडियाम जाने की सड़क पर मंदिर के आंगन में नया मंदिर।
  29. श्री रामेश्वर महादेव: सती दरवाजे के पास रामेश्वर गली में।
  30. श्री च्यवनेश्वर महादेव: अंकपात से इंदिरा नगर जाने वाले मार्ग पर ईदगाह  के पास ।
  31. श्री खंडेश्वर  महादेव: आगर रोड मकोडियाम से आगे आरडीगारडी कॉलेज रोड पर खिलची पर गांव में टीले पर।
  32. श्री पत्तेश्वर महादेव: आगर रोड मकोडियाम से आगे आरडीगारडी कॉलेज के रोड पर पुलिया से पहले।
  33. श्री आनंदेश्वर महादेव: चक्क्रतीर्थ के गेट से आगे राइट साइड में ऊपर।
  34. श्री कंठडेश्वर महादेव: सिद्धनाथ मंदिर के  सामने की गली में भैरवगढ़ गांव के अंदर , ऊपर घाटी पर ।
  35. श्री इन्द्रेश्वर श्री अवंतिपाश्वनाथ तीर्थ के चौराहे से बड़े पुल की ओर जाने पर, घाटी के ठीक ऊपर, बाईं ओर।
  36. श्री मार्कण्डेश्वर महादेव: अंकपात मार्ग में राम लक्ष्मण मंदिर के पास विष्णुसागर पर।
  37. श्री शिवेश्वर महादेव: राम लक्ष्मण मंदिर की सीढ़ी पर।
  38. श्री कुसुमेश्वर महादेव: राम लक्ष्मण मंदिर परिसर में द्वारकाधीश मंदिर की सीढ़ियों के नीचे।
  39. श्री अक्रूरेश्वर महादेव: राम लक्ष्मण मंदिर के बाहर ठीक सामने।
  40. श्री कुण्डेश्वर महादेव: अंकपात में, अंकपात चौराहे से आगे बैठकजी के परिसर में।
  41. श्री लुम्पेश्वर महादेव: भैरव गढ़ पुल के पार सीधे हाट की तरफ पुलिस लाइन में अंदर ।
  42. श्री गंगेश्वर महादेव: मंगलनाथ चौक में नदी के किनारे।
  43. श्री अंगारेश्वर महादेव:  मंगलनाथ के पीछे कामड़ गांव में ।
  44. श्री उत्तरारेश्वर महादेव: मंगलनाथ चौक में श्री गंगेश्वर महादेव के आगे।
  45. श्री त्रिलोचनेश्वर महादेव: मंगलनाथ रोड से  लालबई फुलबई मार्ग पर बाईं ओर की गली में दाईं ओर की गली में ।
  46. श्री वीरेश्वर महादेव: ढाबा रोड सत्यनारायण मंदिर के पास।
  47. श्री नुपूरेश्वर महादेव: डाबरीपीठा में सुतरगली में।
  48. श्री अभयेश्वर महादेव: ढाबा रोड से दानी गेट पर श्री पोरवाल धर्मशाला से आगे नदी मार्ग  पर बाईं ओर की पहली गली में।
  49. श्री प्रथुकेश्वर महादेव: शिप्रा नदी के छोटे पुल से राम बाग जाने के मार्ग पर नदी की रपट के पास श्री कैदारेशश्वर महादेव में।
  50. श्री स्थावरेश्वर महादेव: श्री कालिदास मॉन्टेसरी स्कूल, बाम्बाखाना के सामने, नईपेठ में, शनि मंदिर के अंदर।
  51. श्री सुलेश्वर महादेव: ढाबा रोड से दानी गेट पर श्री पोरवाल धर्मशाला के पास में गली से आगे श्री कर्कटेश्वर महादेव से आगे लेफ्ट साइड की गली में।
  52. श्री ओंकारेश्वर महादेव: गोपाल मंदिर से कमरी मार्ग जाते समय लेफ्ट साइड की पहली गली से सीधे अंदर।
  53. श्री विश्वेश्वर महादेव: श्री ओंकारेश्वर महादेव से आगे राइट साइड की गली के कोने पर।
  54. श्री नीलकण्ठेश्वर महादेव: पीपलीनाका चौराहा से बाईपास रोड पर दाई ओर।
  55. श्री सिंहेश्वर महादेव: गढकालिका  में गणपति मंदिर से आगे।
  56. श्री रेवंतेश्वर महादेव: खाती मंदिर से कार्तिक चौक मार्ग पर, मंदिर के अंदर।
  57. श्री घंटेश्वर महादेव: कार्तिक चौक के तिराहे पर।
  58. श्री प्रयागेश्वर महादेव: शिप्रा के बड़े पुल से पीपलीनाका जाने वाले मार्ग पर, ऋणमुक्तेश्वर मंदिर से पहले।
  59. श्री सिद्धेश्वर महादेव : गोपाल मंदिर के पीछे गली में।
  60. श्री मातंगेश्वर महादेव: टंकी चौराहा  के पास पिजारवाड़ी में।
  61. श्री सौभाग्येश्वर महादेव: पटनी बाजार के पास सौभाग्येश्वर की गली में।
  62. श्री  रुपेशश्वर महादेव: सिंहपुरी में आताल -पाताल भैरव से श्री गोवर्धन नाथजी के हवेली जाने के मार्ग पर बाई ओर की गली में। 
  63. श्री धनुसहस्त्रेश्वर महादेव: पीपलीनाका से तिलकेश्वर मंदिर के पास की गली में, महाजन बस्ती में।
  64. श्री धनुसहस्त्रेश्वर महादेव: पीपलीनाका से तिलकेश्वर मंदिर के पास की गली में, महाजन बस्ती में।
  65. ढाबा रोड से दानीगेट मार्ग, पोरवाल धर्मशाला के पास की गली में, बाईं ओर पहली गली में।
  66. श्री जल्पेश्वर महादेव: बड़े पुल से गांधी  उद्यान से पहले राइट साइड के रास्ते पर नदी के पास।
  67. श्री केदारेश्वर महादेव: शिप्रा नदी के छोटी पुलिया से राम बाघ मार्ग पर पुलिया के राइट साइड में मंदिर।
  68. श्री  पिशाचमुक्तेश्वर महादेव: रामघाट पर नदी के किनारे 
  69. श्री संगमेश्वर महादेव: श्री अगस्तेश्वर महादेव मंदिर के पास गेट से सीधे, सीढ़ियों के नीचे ।
  70. श्री दुर्घटेश्वर  महादेव : शिप्रा नदी के गंधर्व  घाट पर श्री कुक्कुटेश्वर महादेव मंदिर के पास।
  71. श्री प्रयागेश्वर महादेव: कार्तिक चौक से  रघुवंशी मार्ग, दाएं हाथ की गली में सीधे  चौक में। श्री लोकपालेश्वर महादेव मंदिर के पास ।
  72. श्री चंद्रादित्येश्वर महादेव: श्री महाकाल मंदिर के सभामंडप, कुंड के पास, मंदिर के अंदर, शंकराचार्य की मूर्ति के पास।
  73. श्री करभरेश्वर महादेव: भैरवगढ़ में, कालभैरव मंदिर के सामने, पुलिया के पास।
  74. श्री राजस्थलेश्वर महादेव: भागसीपुरा में, आनंद भैरव के पास की गली में, कोने पर।
  75. श्री बड़ेलेश्वर महादेव : श्री सिद्धनाथ मंदिर (भैरवगढ़), सिद्धवट के सामने।
  76. श्री अरुणेश्वर महादेव : रामघाट पर, राम सीढ़ी के किनारे, श्री धर्मराज महाराज के पास।
  77. श्री पुष्पदंतेश्वर महादेव: कार्तिक चौक के तिराहे से रघुवंशी मार्ग जाने पर, बाईं ओर की गली में, घाटी के ऊपर।
  78. श्री अभिमुक्तेश्वर महादेव: सिंहपुरी मार्ग पर मंगलनाथ मंदिर से आगे।
  79. श्री हनुमंतेश्वर महादेव: गढकालिका क्षेत्र में  श्री सिंहेश्वर महादेव मंदिर से आगे।
  80. श्री स्वप्नेश्वर महादेव: श्री महाकाल मंदिर परिसर में।
  81. श्री पिंगलेश्वर महादेव: फ्रीगंज से मक्सी रोड पर, श्री सिंथेटिक फैक्ट्री के पास, रेलवे पुलिया के नीचे।
  82. श्री  कायावरोहणेश्वर महादेव : त्रिवेणी से तपोभूमि के पास के रास्ते, करोहण गावं में।
  83. श्री  बिल्बकेश्वर महादेव: गंभीर डेम मार्ग पर, अंबोदिया गांव में श्री सेवाधाम आश्रम के सामने।
  84. श्री दुर्दरेश्वर महादेव: आरडीगार्डी मेडिकल कॉलेज से आगे, जैथल गांव में अंदर।
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पिंगलेश्वर और अंगारेश्वर महादेव, यह दो मंदिर भी अधिक चर्चित हैं। - फोटो : अमर उजाला
ये है महाकाल के द्वारपाल
उज्जैन के चार दिशाओं में स्थित चार महादेव, श्री महाकाल के द्वारपाल माने जाते हैं। इनमें पूर्व दिशा में श्री पिंगलेश्वर महादेव, दक्षिण दिशा में श्री कायावरोहणेश्वर महादेव, उत्तर दिशा में श्री बिल्बकेश्वर महादेव और पश्चिम दिशा में श्री दुर्दरेश्वर महादेव शामिल हैं। 

उज्जैन की अनोखी होली देखिए...

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