फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: कौन ठहरा है उज्जैन के होटलों में? पुलिस के पास पहुंचेगी हर यात्री की जानकारी, जानें कैसे

Sat, 29 Nov 2025 10:06 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

सिंहस्थ के दौरान लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, ऐसे में यह डिजिटल प्लेटफॉर्म यात्रियों की ट्रेसेबिलिटी, गुमशुदा व्यक्तियों की पहचान और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत अलर्ट देने में बेहद कारगर साबित होगा।
विज्ञापन
उज्जैन पुलिस का बड़ा डिजिटल कदम। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

धार्मिक नगरी उज्जैन आकर होटल में ठहरने वाले श्रद्धालुओं की जानकारी पुलिस थाने तक पहुंचने और उसको खंगालने में करीब एक से दो हफ्तों का समय लग जाता था लेकिन उज्जैन पुलिस ने एक अब एक ऐसा एप तैयार किया है, जिसने सारा काम आसान कर दिया है।

विज्ञापन


उज्जैन एपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में उज्जैन आ रहे श्रद्धालुओं का डिजिटल डेटा रखने के लिए 'गेस्ट रिपोर्ट डॉट इन' नामक एप तैयार करवाया गया है। इस एप से उज्जैन के होटलों में रुकने वाले यात्रियों के नाम उनकी पहचान, उनका मोबाइल नम्बर सहित अन्य डेटा तत्काल पुलिस थाने सहित थाना प्रभारी और जिले के एसपी के पास पूरा डेटा रियल टाइम पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि इस एप का फिलहाल 350 से अधिक होटल संचालक उपयोग कर रहे हैं। इस एप में रोजाना होटल से भरी जाने वाली जानकारी पुलिस तक पहुंच जाती है।

सिंहस्थ के लिए उपयोगी
उज्जैन में सिंहस्थ कुम्भ के दौरान दो माह में लगभग 30 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। इस दौरान जो लोग होटल लॉज धर्मशाला में रहेंगे। इस एप का उपयोग करने पर उज्जैन में रुकने वाले हर यात्री का डेटा पुलिस के पास सही समय पर मिलता रहेगा। करोड़ों श्रद्धालुओं की रियल टाइम ट्रेसेबिलिटी कौन कहां ठहरा है डाटा तुरंत उपलब्ध होगा गुमशुदा व्यक्तियों की तुरंत पहचान हो सकेगी। साथ ही यह भी पता लग सकेगा की कौन कहां रुका हुआ है। पूरे आयोजन में सुरक्षा और निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा सकेगा। अगर कोई यात्री अपनी होटल का पता भूल जाता है तो भी एप के माध्यम से पता लगा सकेगा। पुलिस के इस एप से ना सिर्फ पुलिस को मदद मिल रही है, बल्कि होटल संचालक भी रोजाना पुलिस थाने जाकर अपनी डिटेल नोट करवाने जैसी परेशानी से मुक्त हो जाएंगे।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- सराफा चौपाटी की सूची पर आपत्ति, निगम ने लगाई कोर्ट में कैविएट
विज्ञापन


इसीलिए जरूरी है यह app
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि प्रति वर्ष 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। भारी संख्या में होम स्टे और होटल हो गए हैं, इसलिए हमेशा अंदेशा बना रहता है कि बाहर से आने वाले लोगों की पूरी जानकारी पुलिस के पास होनी चाहिए। इन हाउस और एक पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। पोर्टल संचालक द्वारा सभी प्रकार के यात्रियों की जानकारी दर्ज की जा रही है। तत्काल संबधित थाना प्रभारी थाना और बीट प्रभारी के पास दर्ज हो जाती है। ये पूरा पेपर लेस है, कई तरह की फेसिलिटी कोई संदिग्ध अलर्ट में है और अगर वो उज्जैन आकर रुका तो हमारे पास अलर्ट आ जाएगा। जिस थाने अंतर्गत होटल लाज हो स्टे में चेक इन किया है उसका अलर्ट रियल टाइम थाने और अधिकारियो के पास पहुँच जाएगा। पहले चरण में होटल और फिर साधु-संतों से बात करके आश्रम और अखाड़ों में भी इसका उपयोग करेंगे।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें