डॉ. मोहन यादव, उच्च शिक्षा मंत्री, मध्य प्रदेश शासन
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उज्जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 217 में भी आरोप प्रत्यारोप की राजनीति हावी हो गई है। इस विधानसभा क्षेत्र का चुनाव शुरुआती दौर में तो विकास के मुद्दों पर था लेकिन जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आती गई वैसे ही आरोप प्रत्यारोप का दौर लगातार आगे बढ़ता रहा। भारतीय जनता पार्टी ने इस विधानसभा क्षेत्र से जहां अपने आप को सनातनी की छवि के रूप में प्रदर्शित किया तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी भाजपा प्रत्याशी उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव के 10 वर्षों के कार्यकाल पर सवालिया निशान लगाती रही। उनका सीधा सा आरोप था कि डॉ मोहन यादव ने क्षेत्र का विकास तो नहीं किया लेकिन इन 10 वर्षों में उनका स्वयं का विकास जरूर किया है। मंगलवार शाम को ही डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस प्रत्याशी चेतन यादव को पप्पू कहने के साथ ही बाप का दूध पीने और औकात दिखाने जैसी बात कही थी। इसके बाद आज सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें डॉ. मोहन यादव मां सीता को अपशब्द कहते नजर आ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में भाजपा प्रत्याशी डॉ मोहन यादव कहते नजर आ रहे हैं कि जिस सीता माता को भगवान राम लंका के राजा रावण से बड़ा युद्ध लड़कर वापस अयोध्या लाए, उन्हीं को भगवान राम ने सीता के गर्भवती होने के बावजूद रघुकुल की मर्यादा के कारण छोड़ दिया। राजधर्म की वजह से माता सीता को वन जाना पड़ा। मां सीता के बच्चों को जंगल में जन्म लेना पड़ा। विभिन्न कष्ट झेलने के बाद भी भगवान राम के गुणों को बताने के लिए उन्होंने बच्चों को भी संस्कार दिए। आज के दौर में तो ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर नौबत तलाक के बाद जैसी हो जाती है। बताया जाता है कि इस वीडियो में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि "अच्छी भाषा में कहा जाए, तो पृथ्वी फट गई, तो माता सीता उसमें समा गई। सरल और सरकारी भाषा में कहा जाए, तो उनकी पत्नी ने उनके सामने शरीर छोड़ा। शरीर त्याग को आत्महत्या के रूप में माना जाता है।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो कि जब अमर उजाला ने पड़ताल की तो पता चला कि यह वीडियो एक वर्ष पुराना उस समय का है जब नागदा खाचरोद क्षेत्र मे कारसेवकों के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव शामिल हुए थे। जहां पर नरेंद्र मोदी खेल प्रशाल में आयोजित कार्यक्रम में वंदे मातरम् ग्रुप की ओर से 94 कारसेवकों का सम्मान किया गया था। जहां पर उन्होंने यह बात कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही थी। बताया जाता है कि यह वही वीडियो है जिस पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव के पुतले पूरे प्रदेश भर में जलाए गए थे और बाद में डॉ. मोहन यादव ने इस बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। इस चुनाव में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी हैं और खुद की सनातन छवि को प्रदर्शित करते हुए महाकाल लोक, धार्मिक, पर्यटन, भगवान राम, सनातन धर्म, अयोध्या के राम मंदिर पर वोट मांग रहे हैं लेकिन विधानसभा क्षेत्र के रहवासियों का कहना है कि जो मां सीता का अपमान करते हैं क्या ऐसे लोग भी सनातनी हो सकते हैं....?
रैली में महिलाओं की साड़ी भी रही चर्चा का विषय
उज्जैन दक्षिण से भाजपा प्रत्याशी डॉ. मोहन यादव की महाजनसंपर्क रैली बुधवार को टावर चौक से निकाली गई, जो कि काफी चर्चा का विषय बनी रही। रैली में जनता की भीड़ से ज्यादा इस बात को लेकर चर्चा थी कि रैली में जो महिलाएं शामिल रहीं वे सभी एक ही तरह की साड़ी में नजर आ रही थीं। रैली में मौजूद महिलाओं की साड़ियां देखकर कुछ लोगों ने यहां तक कह दिया कि रैली में महिलाओं को बुलाने के लिए शायद भाजपा प्रत्याशी ने सभी महिलाओं को यह उपहार भेंट किया होगा।