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MP Election 2023: कौन हैं अनिल जैन कालूहेड़ा, जिनके लिए पार्टी ने काट दी छह बार के विधायक पारस जैन की टिकट

Mon, 23 Oct 2023 07:50 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

MP Election 2023: भाजपा ने उज्जैन उत्तर से अनिल जैन कालूहेड़ा को उम्मीदवार घोषित किया है। कालूहेड़ा लगभग 29 वर्षों से पार्टी के विभिन्न पदों पर रहकर कार्य करते रहें और वर्तमान में वह पार्टी में प्रदेश सह कोषाध्यक्ष के पद का निर्वहन कर रहे हैं। 
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उज्जैन उत्तर के प्रत्याशी अनिल जैन कालूहेड़ा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी की पांचवी सूची ने सभी को चौका दिया है। इस सूची में पार्टी ने कुछ ऐसे लोगों को टिकट दिया है, जिसका अनुमान भी नहीं लगाया जा सकता था। उज्जैन जिले में ऐसा ही चौंकाने वाला टिकट उज्जैन उत्तर में हुआ है, जिसमें क्षेत्र से छह बार के विधायक पारस जैन का टिकट काटकर इस बार भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने अनिल जैन कालूहेड़ा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वैसे तो इस विधानसभा क्षेत्र से कई लोगों ने अपनी उम्मीदवारी जताई थी लेकिन कोई भी यह कयास नहीं लगा पा रहा था कि पार्टी से विधायक और मंत्री रह चुके पारस जैन का टिकट इस बार कटेगा और पार्टी इस सीट से किसी नए व्यक्ति को मौका देगी। पार्टी ने उज्जैन उत्तर से अनिल जैन कालूहेड़ा को अपना उम्मीदवार घोषित तो कर दिया है। पार्टी ने जिस अनिल जैन कालूहेड़ा पर भरोसा जताया है वे लगभग 29 वर्षों से पार्टी के विभिन्न पदों पर रहकर कार्य करते रहें और वर्तमान में वह पार्टी में प्रदेश सह कोषाध्यक्ष के पद का निर्वहन कर रहे हैं। 
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बताया जा रहा है कि अनिल जैन कालूहेड़ा ने 1994 से 1998 तक भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष का पदभार संभाला। इसके बाद वह 1998 से 2002 तक भाजयुमो में प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य रहे। 2002 से 2005 तक जिला उपाध्यक्ष के पद का निर्वहन किया, जिसके बाद वे 2006 से 2009 तक जिला महामंत्री के पद पर है। 2010 से 2013 तक जिला अध्यक्ष के पद का निर्वहन किया और उसके बाद 2014 से 2020 तक प्रदेश कार्य समिति सदस्य रहे।

वे कार्य जिसमें कि अब तक सहभागिता
अनिल जैन कालुहेड़ा ने भाजपा के राष्ट्रव्यापी कश्मीर आंदोलन में सहभागिता की। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में उनकी अनेक जनविरोधी निति के विरोध में स्थानीय एवं प्रदेश स्तरीय आंदोलनों में भाग लिया। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का सक्रिय सदस्य 1982 से संगठन मंत्री (3 वर्ष), सागर संभाग में रहे। अभाविप के प्रादेशिक अधिवेशन उज्जैन, जबलपुर, इन्दौर, रायपुर, ग्वालियर में सहभागिता की। अभाविप राष्ट्रीय अधिवेशन रायपुर, जयपुर, हैदराबाद में सहभागिता की। अभाविप के राष्ट्रीय आंदोलन असम आंदोलन (1984), पूर्णिया आंदोलन, रामजन्म भूमि आंदोलन, कश्मीर आंदोलन (1992), तीन बीघा आंदोलन में सहभागिता की इनके साथ ही आपने भारत के सबसे बड़े मिट्टी के गणेश जी बनाने का अभियान। एक साथ 6 हजार विद्यार्थियों को मिट्टी के गणेश जी सिखाने का गोल्डन बुक रिकार्ड बनाया। भाजपा जिलाध्यक्ष रहते हुए भाजयुमो के नेतृत्व में 21 हजार विद्यार्थियों की सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन भी किया।
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