उज्जैन की नाजमीन जिसकी पीएम मोदी ने तारीफ की थी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 जुलाई 2021 को डिजिटल इंडिया के 6 वर्ष पूरे होने पर सात स्ट्रीट वेंडर से मन की बात प्रोग्राम के तहत वर्चुअल बातचीत की थी। जिसमें उज्जैन की न्यू इंदिरा नगर देवास रोड पर रहने वाली नाजमीन पति शाकिर शाह (43) भी शामिल थीं। नाजमीन नागझिरी क्षेत्र देवास रोड पर उस समय फल का ठेला लगाती थीं और हर ट्रांजेक्शन ऑनलाइन करने के साथ ही सभी लोगों को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए जागरूक भी करती थीं। उनकी इसी सक्रियता के कारण उन्हें क्षेत्र में डिजिटल नाजमीन के नाम से भी जाना जाता था। उन्होंने अपने ठेले पर क्यूआर कोड भी लगाया था, जिससे लोग आसानी से डिजिटल पेमेंट कर सकें।
प्रधानमंत्री से हुई थी यह चर्चा
प्रधानमंत्री ने नाजमीन से पूछा था कि आप ऑनलाइन लेन-देन करती हैं या नगद, जिसका जवाब मिला था दोनों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था वाह....आप तो कैशलेस ट्रांजेक्शन कर लेती हैं। आप जैसे साथियों ने तकनीक को अपनाकर सिद्ध कर दिया कि भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी बनाता ही नहीं बल्कि आसानी से उसे अपनाकर कारोबार को आगे भी बढ़ाता है। नाजमीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह भी बताया था कि पिछले साल लॉकडाउन के कारण घर की स्थिति कमजोर हो गई थी। मैंने शहरी आजीविका मिशन में नगर निगम के माध्यम से स्ट्रीट वेंडरों को मिलने वाले 10,000 के लोन के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया था। जो मुझे मिला, इस दौरान मैंने ऑनलाइन ही इस लोन की किस्तें चुकाईं। ऋण पूरा होने के बाद मुझे 375 का कैशबैक भी मिला था। दूसरे चरण में 20,000 का लोन भी मुझे आसानी से मिल गया था। जिससे मेरा कारोबार ठीक चल रहा है। प्रधानमंत्री को यह भी बताया था कि कारोबार के लिए स्वनिधि योजना कारगर साबित हुई है। बातचीत के दौरान नाजमीन ने मोबाइल एप्स के माध्सम से 1420 रुपये का ट्रांजेक्शन करके भी प्रधानमंत्री को दिखाया था।
आंगनवाड़ी का खाना बनाने के साथ सिखाती हैं सिलाई
नाजमीन बताती हैं कि वर्तमान में तो वे अब कभी-कभी ही फल का ठेला लगाती हैं, लेकिन अभी मैं 10 आंगनवाड़ी सेंटर का खाना बनाने का काम करती हूं। कुछ समय पहले मैंने प्रधानमंत्री कौशल योजना में सिलाई का काम सीखा था, जो मेरे लिए कारगर साबित हो रहा है। वर्तमान में मैं सना सिलाई एंड ट्रेनिंग सेंटर के नाम से एक सेंटर चला रही हूं। जहां से सिलाई का काम करने के साथ ही लोगों को सिलाई सिखा रही हूं।