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Ujjain News: कार्तिक माह में नगर भ्रमण पर निकले भगवान महाकाल, श्री मनमहेश के रूप में दिए प्रजा को दर्शन

Mon, 27 Oct 2025 07:38 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन में 27 अक्टूबर को भगवान श्री महाकालेश्वर की कार्तिक माह की पहली सवारी भव्य रूप से निकाली गई। भगवान श्री मनमहेश स्वरूप में नगर भ्रमण पर निकले। सवारी मंदिर से विभिन्न मार्गों से होकर रामघाट पहुंची। अगली सवारियां 3, 10 और 17 नवंबर को पारंपरिक विधि से निकाली जाएंगी।
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ऐसे निकली सवारी
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विस्तार
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श्रावण-भाद्रपद माह की तरह श्री महाकालेश्वर भगवान की कार्तिक माह की पहली सवारी सोमवार 27 अक्टूबर 2025 को सभामंडप में शाम 4 बजे विधिवत पूजन-अर्चन के बाद राजसी ठाट-बाट के साथ निकाली गई।

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श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि भगवान श्री महाकालेश्वर श्री मनमहेश के रूप में अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले। श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी में प्रथम बार श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित श्री महाकालेश्वर बेंड भी सम्मिलित किया। साथ ही पुलिस बैण्ड, घुड़सवार दल, सशस्त्र पुलिस बल के जवान आदि के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर से गुदरी चैराहा, बक्षी बाजार कहारवाड़ी होते हुए रामघाट क्षिप्रातट पहुंची, वहां मां क्षिप्रा के जल से पूजन-अर्चन पश्चात भगवान महाकाल की सवारी रामघाट से गणगौर दरवाजा, मोड की धर्मशाला, कार्तिक चैक, खाती का मंदिर, सत्यननारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चैराहा, छत्री चैक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार होते हुए पुन महाकाल मंदिर पहुंची। इसी क्रम में परंपरानुसार श्री महाकालेश्वर भगवान की कार्तिक एवं अगहन (मार्गशीर्ष) माह में निकलने वाली सवारियां क्रमशः द्वितीय सवारी एवं हरिहर मिलन की सवारी 03 नवंबर 2025, तृतीय सवारी 10 नवम्बर 2025 तथा राजसी सवारी सोमवार 17 नवम्बर 2025 को निकाली जाएगी।

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मराठा के समय की परंपरा
महाकाल मंदिर में मराठा परंपरा का विशेष तौर पर प्रभाव है। महाराष्ट्रीयन परंपरा में शुक्ल पक्ष से माह का शुभारंभ माना जाता है। कार्तिक-अगहन मास में भी महाकाल की सवारी कार्तिक शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार से शुरू होती है। इसी वजह से आज से सवारी निकालने की शुरुआत हुई।
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हरिहर मिलन सवारी 3 नवंबर को
कार्तिक-अगहन मास की दूसरी सवारी 3 नवंबर को निकाली जाएगी। साथ ही हरिहर मिलन की सवारी सोमवार 3 नवंबर को निकाली जाएगी। हरिहर सवारी रात 12 बजे श्री द्वारकाधीश गोपाल मंदिर पहुंचेगी। आपको बता दें कि, सावन और कार्तिक महीने में निकलने वाली सवारी में पूजा-अर्चना से लेकर विधि-विधान में कोई फर्क नहीं रहता है। सावन-भादो माह की तरह कार्तिक-अगहन में भी भगवान महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। हालांकि इस समय श्रद्धालुओं की संख्या कम रहती है।

महाकाल की सवारी

 

महाकाल का मनमहेश स्वरूप

 

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