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MP News: उज्जैन में फिल्मों के अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का शुभारंभ, नेपाल सहित कई देशों के राजनयिक हुए शामिल

Sat, 22 Mar 2025 04:16 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन में पौराणिक फिल्मों के अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का भव्य रूप से शुभारंभ हुआ। नेपाल, फिजी, लेसेथो और दक्षिण अफ्रीका के राजनयिकों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। 
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फिल्म फेस्टिवल का शुभारंभ करते नेपाल दूतावास के राजनयिक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुझे ऐतिहासिक और पौराणिक शहर उज्जैन आकर बेहद खुशी हुई है। यह विक्रमादित्य का महानगर है और हम विक्रम सम्वत को मानने वाले दुनिया के पहले देश नेपाल से आए हैं। विक्रम संवत हमारा राष्ट्रीय संवत है, जिसकी शुरुआत सम्राट विक्रमादित्य ने की थी। यह बात नेपाल दूतावास के राजनयिक रवींद्र जंग थापा ने पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव (आईएफएफएएस) के शुभारंभ अवसर पर कही। इस अवसर पर फिजी गणराज्य का उच्च आयोग एचई जगन्नाथ सामल (उच्चायुक्त), नेपाल दूतावास रवींद्र जंग थापा और दीपक राज निरौला राजनयिक दक्षिण अफ्रीकी उच्चायोग की रामसेला एवलिन लेसोथो उच्च आयोग बोहलोकिमोरोजेल व मोत्सेलिसी बनार्डेटो फात्सिमो मोखोथो सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इन सभी अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर इस फिल्म समारोह का भव्य शुभारंभ किया।

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इस मौके पर भारत में नेपाल दूतावास के रविंद्र जैन थापा ने अपने उद्बोधन में कहा कि नेपाल एक बहुत ही खूबसूरत देश है। वहां फिल्म मेकिंग की अपार संभावनाएं हैं। फिल्मों के माध्यम से हम सांस्कृतिक आदान-प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ तथा मध्य प्रदेश शासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि मेरे लिए यह बहुत ही गौरव की बात है कि मुझे इस फिल्म समारोह में आमंत्रित किया गया। अतिथियों का स्वागत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज तथा विक्रम विश्वविद्यालय कार्य परिषद के अध्यक्ष राजेश सिंह कुशवाह ने किया। इसके उपरांत सभी अतिथियों महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर में प्रदर्शित भारतीय ऋषि वैज्ञानिक परंपरा पर केन्द्रित प्रदर्शनी आर्ष भारत का अवलोकन भी किया।

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लेसेथो और भारत के बीच सांस्कृतिक संबंध बहुत मजबूत : मोखोथो
समारोह को संबोधित करते हुए अफ्रीकी देश लेसेथो देश कि राजनयिक मोत्सेलिसी बनार्डेटो फात्सिमो मोखोथो ने कहा कि लेसेथो और भारत के बीच सांस्कृतिक संबंध बहुत मजबूत है। इस तरह के फिल्म समारोह के माध्यम से हम चाहेंगे कि दोनों देश एक दूसरों की संस्कृतियों से परिचित हों। सिनेमा अपने आप को अभिव्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम है। मैं उम्मीद करती हूं कि यह फिल्म समारोह दोनों देशों के मध्य सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने जैसा महत्वपूर्ण कार्य करेगा।

रामायण, महाभारत और गीता आज भी फिजीवासियों के दिल में : उच्चायुक्त सामल
फिजी गणराज्य का उच्च आयोग एच.ई. जगन्नाथ सामल (उच्चायुक्त) ने कहा कि भारत और फिजी का रिश्ता सदियों पुराना है। हमारे देश की आदि से अधिक आबादी भारतवंशियों की है। रामायण, महाभारत और गीता आज भी फिजी के भारतवंशियों के श्रद्धा के केंद्र में है। यह वह विरासत है जो हमारे पूर्वज इस देश से अपने साथ लेकर आए थे। भारतीय फिल्मों को लेकर उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानी फिल्में विशेष कर बॉलीवुड की फिल्में फिजी में बेहद लोकप्रिय हैं। भारत के सहयोग से फिजी में बहुत सारे महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया।

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इन 9 फिल्मों का होगा प्रदर्शन
महोत्सव के दूसरे दिन 9 फिल्मों का प्रदर्शन होगा, जिसमें भारतीय भाषाओं में 'श्रीकृष्ण विवाह', ह्यमहाभारत (1965), 'श्रीकृष्ण अवतार(तेलगू), 'कृष्ण लीला (बंगाली)', 'बलराम श्रीकृष्ण (गुजराती)', 'कृष्णा काबेरी (ओडिया)' व 'श्रीकृष्ण परूंथू (मलयालम)' आदि शामिल हैं, जबकि विदेशी भाषाओं में 'द लीप ऑफ द एंजल' और मंगोलिया की 'एबरेंस' है। विदेशी फिल्में इंग्लिश सबटाइटल वर्जन के साथ दिखाई जायेगी।

विक्रम उत्सव में 30 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के उज्जैन आने की संभावना
नववर्ष विक्रम संवत के तहत 30 मार्च को शिप्रा नदी में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आने की संभावना जताई जा रही है। जिला प्रशासन ने इसकी पुष्टि तो नहीं की है, लेकिन जिन कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के पहुंचने की संभावना है, वहां व्यापाक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी हैं। विक्रम उत्सव का मुख्य आयोजन शिप्रा नदी पर होता है। जहां पर इस बार अब तक का सबसे बड़ा मंच बनाया जा रहा है। शुक्रवार को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने मंच बनाने के काम का पूजन किया। इस बार 80 फीट लंबा मंच बनाया जा रहा है। इसके अलावा रामघाट और दत्त अखाड़ा पर वीआईपी मंच भी बनाया जा रहा है। मंच अब तक का सबसे बड़ा होगा और राष्ट्रपति के प्रोटोकाल के मुताबिक बनाया जा रहा है। मुख्य समारोह के लिए शुक्रवार से मंच निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है। यह काम दीपक शर्मा को सौंपा गया है। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने विक्रमादित्य शोधपीठ निदेशक श्रीराम तिवारी, निदेशक और पुराविद् डॉ. रमण सोलंकी, नरेश शर्मा आदि के साथ मंच निर्माण का पूजन किया।

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