लोकायुक्त की गिरफ्त में आरोपी पंचायत सचिव।
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लोकायुक्त विशेष पुलिस ने नागदा के ग्राम पिपलिया मोलू पंचायत के सचिव को 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पंचायत सचिव ने एक ग्रामीण परिवार की समग्र आईडी अलग-अलग बनाने के एवज में 2 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।
पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त जयदीप प्रसाद के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश पर उज्जैन लोकायुक्त इकाई के एसपी अनिल विश्वकर्मा के निर्देशन में यह ट्रैप ऑपरेशन किया गया। एसपी लोकायुक्त अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि आरोपी जीवनलाल बामनिया पंचायत सचिव ग्राम पंचायत पिपलिया मोलू ने आवेदक अजय पिता नंदराम काठा निवासी पिपलिया मोलू से अलग-अलग समग्र आईडी बनाने के नाम पर 2 हजार रुपए की मांग की थी।
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अजय ने 11 मार्च को लोकायुक्त एसपी से शिकायत की। एसपी ने निरीक्षक दीपक शेजवार के माध्यम से शिकायत की जांच कराई और ट्रैप प्लान किया। ट्रैप ऑपरेशन में आरोपी पंचायत सचिव जीवनलाल बामनिया को रंगे हाथों पकड़ा गया। उसके पास से रिश्वत की राशि भी बरामद की गई।
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इससे पहले लोकायुक्त टीम ने सचिव को पकड़ने के लिए योजना बनाई। अजय ने आरोपी को कैमिकल लगे नोट देने के लिए नागदा बस स्टैंड पर बुलाया। जैसे ही बामनिया ने पैसे लिए और जेब में रखे, अजय ने सिर पर हाथ फेरकर इशारा कर दिया। संकेत मिलते ही लोकायुक्त अधिकारी दीपक शेजवार और उनकी टीम ने आरोपी को मौके से पकड़ लिया। अब सचिव पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
इससे पहले भी हुई कार्रवाई
इससे एक दिन पहले, बुधवार को उज्जैन लोकायुक्त टीम ने महीदपुर तहसील कार्यालय में रीडर दीपा चेलानी को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
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