जेल गबन की आरोपी पूर्व जेल अधीक्षक उषा राज की बेटी उत्कर्षिनी को देवास जेल भेजा गया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
उज्जैन स्थित केंद्रीय भैरवगढ़ जेल के जीपीएफ घोटाले में एसआईटी की जांच लगातार जारी है। पूर्व जेल अधीक्षक उषा राज की बेटी उत्कर्षिनी के पास से करीब 33 लाख रुपये का माल जब्त किया गया है, जो कि गबन कांड की राशि से खरीदा गया था। बुधवार को रिमांड खत्म होने पर कोर्ट ने उत्कर्षिनी को 17 अप्रैल 2023 तक के लिए देवास की सेंट्रल जेल भेज दिया है।
बता दें कि पूर्व जेल अधीक्षक उषा राज घोटाले के मुख्य आरोपी रिपुदमन, जेल प्रहरी शैलेंद्र सिकरवार, जगदीश परमार, रिंकू मादरे, हरीश गहलोत, रोहित रामजाने, शुभम भमोरी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने इस मामले में दो दिनों से पूर्व जेल अधीक्षक की बेटी उत्कर्षिनी को रिमांड पर ले रखा था। उत्कर्षणी के गिरफ्त में आते ही पुलिस के आला अधिकारी यह जानकारी जुटाने में लग गए थे कि उत्कर्षिनी रिमांड के दौरान पूर्व जेल अधीक्षक उषा राज के आखिर कितने राजफाश करती है। हुआ भी यही सोमवार को भोपाल से गिरफ्त में आई उत्कर्षणी के गिरफ्त में आते ही उसके पास से 200 ग्राम सोने के जेवरात के साथ ही लगभग एक किलो चांदी भी जब्त हुई थी। जिसके बाद उत्कर्षणी ने रिमांड के दौरान जो भी जानकारी दी उसके आधार पर पुलिस ने कार्यवाही की। इंदौर में उसकी सहेली के घर से सोने व हीरे के जेवरात 468 ग्राम कीमती 29 लाख रुपये ,चांदी के बर्तन जेवर 3 किलो 935 ग्राम कीमत 3 लाख 14 हजार रुपये तथा 35 हजार रुपये नगदी को बरामद किया था।
सीएसपी अनिल मौर्य ने बताया कि उत्कर्षिनी के पास से करीब 33 लाख रुपए का माल जब्त किया गया है, जो कि गबन कांड की राशि से खरीदा गया था। बुधवार को रिमांड खत्म होने पर कोर्ट ने उत्कर्षिनी को 17 अप्रेल 2023 तक के लिए देवास की सेंट्रल जेल भेज दिया है।