बड़नगर में पुलिस बनकर ठगी की वारदात करने वाले गिरोह के एक सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसका दूसरा साथी फरार बताया जा रहा है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
टीआई अशोक पाटीदार ने बताया घटना पांच महीने पहले बड़नगर में हुई ठगी के मामले में आरोपी हसन पिता राहत अली उम्र 36 वर्ष निवासी भोपाल को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से गिरफ्तार किया है। बदमाश ने 21 अप्रैल 2025 को बड़नगर में ठगी की एक वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी हसन और उसके एक अन्य साथी ने बड़नगर के तेजाजी चौक पर नकली पुलिस बनकर किराना व्यापारी अमृतलाल पिता नाथूलाल जैन (75) से 4 लाख रुपए के सोने के आभूषण ठग लिए थे। घटना के सीसीटीवी फुटेज सामने आए थे, जिसमें आरोपी घटनाकारित करते नजर आए हैं। पुलिस ठगी के इस आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान पिछले दिनों पानबिहार पुलिस ने एक अन्य अपराध के मामले में हसन को गिरफ्तार किया था। जब इसकी जानकारी बड़नगर पुलिस को मिली तो पुलिस ने कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट पर उसे गिरफ्तार किया। रिमांड के दौरान आरोपी ने ठगी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर उसके घर से सोने की चेन और अंगूठी बरामद की गई है। फरार आरोपी हैदर पिता पिंगु की तलाश की जा रही है।
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बदमाशों ने व्यापारी को वाहन से जाते हुए रोका और सोने की चेन और अंगूठी चोरी होने का डर बताकर उतरवाकर कागज की पुड़िया बांध गाड़ी में रखवाई। पुड़िया बांधते वक्त बदमाशों ने आभूषण चुरा लिए और उसकी जगह पत्थर के टुकड़े बांध दिए। जब व्यापारी घर पहुंचा तो उसे ठगी का पता चला। इसके बाद उन्होंने परिवार के साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी।
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यह है पूरी घटना
21 अप्रैल 2025 को अमृतलाल पिता नाथूलाल जैन से दो अज्ञात व्यक्तिों ने तेजाजी चौक, बड़नगर पर नकली पुलिस आईडी दिखाकर संपर्क किया। उन्होंने सोने की चेन और अंगूठी चोरी होने का डर दिखाकर फरियादी को अपनी मोटरसाइकिल की डिक्की में आभूषण रखने का बहाना दिया। आरोपी ने फरियादी को भ्रमित कर सोने की चेन और अंगूठी लेकर कागज़ की पुड़िया में मिट्टी रख दी। घटना की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 288/2025, धारा 318(4) बीएनएस के तहत पंजीकरण कर विवेचना शुरू की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक पाटीदार ने मामले को त्वरित रूप से संज्ञान में लेते हुए टीम बनाकर लगातार जांच की। आरोपी हसन अली को पुलिस चौकी पान बिहार, थाना घटिया से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के फोटो फरियादी को दिखाए गए, जिन्हें देखकर फरियादी ने आरोपी को पहचान लिया और घटना में उसके साथी की भी संलिप्तता बताई। आरोपी को माननीय न्यायालय से अनुमति लेकर फार्मल गिरफ्तार किया गया और पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म स्वीकार किया। उसके घर से एक डिब्बे में रखी सोने की अंगूठी और सोने की चेन बरामद की गई। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। आरोपी हसन अली के विरुद्ध चोरी और लूट संबंधी भोपाल, इंदौर एवं उज्जैन में कुल 09 अपराध पंजीबद्ध हैं।