उज्जैन में सरकारी नियमों को ठेंगा दिखाकर कॉलोनियों का निर्माण करने वाले 21 कॉलोनाइजर व उनके सहयोगियों के खिलाफ कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इन कॉलोनाइजरों के पास ना तो नियमानुसार कॉलोनाइजर लायसेंस था और न ही सम्बन्धित विभाग की एनओसी। इन्होंने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से कॉलोनी का नक्शा भी स्वीकृत नहीं करवाया था। और तो और इनके पास कॉलोनी विकास की अनुमति व भूमि डायवर्शन कराने के साथ ही पूर्णता प्रमाण-पत्र आदि अन्य दस्तावेज भी नही थे। आवश्यक दस्तावेजों के बिना कॉलोनी काटने पर कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने खाचरौद अनुविभागीय अधिकारी को उनके कार्यक्षेत्र के सात प्रकरणों में संबंधित 21 भूमिस्वामियों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने यह आदेश मप्र नगर पालिका कॉलोनी विकास नियम-2021 के अन्तर्गत नियम-22(4)(26) तथा नगर पालिका अधिनियम-1961 की धारा-139ग के उपबंधों के अधीन जारी किए हैं। जिन भूमिस्वामियों के विरुद्ध एसडीएम को प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं उनमें ग्राम बिरियाखेड़ी निवासी राकेश पिता भेरूलाल, खाचरौद निवासी गुरूदत्त पिता मांगीलाल, शिवनारायण पिता नन्दकिशोर, अनिल पिता भेरूलाल, बालाजी कंसल्टेंसी एण्ड रियल इस्टेट प्रोप्राइटर, रामकिशन प्रहलादसिंह, जितेन्द्र जैन, रोहित मेव, राकेश पटेल, इस्माइल ठाकरवाला, भूमि स्वामी रामचंद्र पिता हरिराम, दिनेश पिता भेरूलाल खाचरौद, तहसील अहमद पिता मोहम्मद इस्माइल, रशीद पिता नूर मोहम्मद, राधेश्याम पिता प्रकाश वर्मा, रफीक, असलम, पप्पू खाचरौद, सुनील पिता बालाराम पाटीदार ग्राम नावटिया शामिल हैं।