संस्था के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हुआा प्रकरण
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मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित उज्जैन की लेकोड़ा प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था में 17.56 करोड़ से अधिक के गबन मामला सामने आया था। इस मामले में बैंक की ओर से चिंतामन थाना में प्रकरण दर्ज करवाया गया है। बैंक की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने संस्था प्रबंधक लेकोड़ा निशिकांत चौहान सहित सुभाष उपाध्याय, विनायक राजोलकर और नवीन मेथ्यूज के खिलाफ धारा 420, 409, 467, 468, 471, 34 और 120बी का प्रकरण दर्ज कर आरोपी बनाया है।
चिंतामन थाना प्रभारी बल्लूसिंह मंडलोई ने बताया कि बैंक की ओर से तीन सदस्यीय जांच समिति की एक जांच रिपोर्ट के साथ आवेदन दिया गया था। शाखा प्रबंधक भरतपुरी राजेश पिता रामेश्वर कुशवाह के आवेदन को जांच में लेते हुए प्राथमिक स्तर पर लेकोड़ा संस्था के प्रबंधक और सुपरवाईजर निशिकांत चौहान सहित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा भरतपुरी शाखा प्रबंधक नवीन मेथ्यूज, लेकोड़ा संस्था में शासन से नामांकित प्रशासक सुभाष उपाध्याय और उपपंजीयक सहकारी संस्था के ऑडिटर तथा संस्था लेकोड़ा के प्रशासक विनायक राजोलकर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों ने किसान क्रेडिट कार्ड के ऋण के साथ ही संस्था लेकोड़ा के खातों में गड़बड़ी कर गबन को अंजाम दिया था।
मामले में जिला सहकारी बैंक मर्यादित उज्जैन के सीईओ आरके दुबे ने बताया कि बैंक को मई 2023 में लेकोड़ा संस्था के 417 किसानों ने शिकायत करते हुए उनके खातों में गड़बड़ी करने की शिकायत की थी। उसके बाद तत्काल ही संस्था प्रबंधक को निलंबित करते हुए बैंक ने वर्ष 2017 से सितंबर 2023 तक की जांच तीन सदस्यीय समिति से करवाई थी। इसमें सामने आया था कि किसानों के खातों के साथ ही संस्था के खातों में भी गड़बड़ी की गई है। जांच में 17 करोड़ 56 लाख 22 हजार 595 रुपये का गबन और धोखाधड़ी सामने आई थी।