उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील स्थित गावड़ी लोधा में उफनते नाले में बह गए ग्राम पंचायत के सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा का शव दो दिन बाद चंबल नदी से बरामद हुआ। होमगार्ड और SDRF की टीम ने सर्च ऑपरेशन के बाद शव निकाला।
उज्जैन के बड़नगर तहसील के ग्राम गावड़ी लोधा में तेज बारिश के बीच उफनती पुलिया पार करते समय नाले में बह गए ग्राम पंचायत के सहायक सचिव का शव शनिवार को बरामद कर लिया गया। होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम ने चंबल नदी में सर्च ऑपरेशन चलाकर शव को बाहर निकाला। शव मिलने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया।
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यह था पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात तेज बारिश के दौरान ग्राम गावड़ी लोधा के सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा (35) बड़नगर से अपने गांव लौट रहे थे। गांव की पुरानी पुलिया पर पानी का तेज बहाव था। उनके साथी कृष्ण पाल सिंह ने अधिक पानी देखकर बाइक से उतरने का फैसला किया, लेकिन सूर्य प्रताप बाइक निकालने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान तेज बहाव में वे बाइक सहित नाले में बह गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, होमगार्ड और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। रातभर और शुक्रवार को भी लगातार तलाश की गई। इस दौरान उनकी मोटरसाइकिल घटना स्थल से करीब 50 मीटर दूर बरामद हुई, लेकिन सूर्य प्रताप का कोई पता नहीं चल सका।
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चंबल नदी में मिला शव
शनिवार को सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाया गया। होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम ने चंबल नदी में मोटर बोट उतारकर तलाश अभियान चलाया। कई घंटों की मशक्कत के बाद टीम को सूर्य प्रताप का शव चंबल नदी में मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इंगोरिया थाना प्रभारी दीपेश व्यास ने बताया कि नया रास्ता उपलब्ध होने के बावजूद वे शॉर्टकट के चक्कर में पुरानी उफनती पुलिया से निकले, जिसके कारण यह हादसा हुआ। गांव में शोक सूर्य प्रताप के शव मिलने की खबर के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रशासन ने बारिश के मौसम में नागरिकों से उफनते नाले और पुलिया पार न करने की अपील की है।
उफनते नाले में बहे सहायक सचिव का शव 2 दिन बाद चंबल नदी से मिला।