फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ujjain News: अखाड़ा परिषद अध्यक्ष बोले- तेजस्वी यादव नहीं बनेंगे सीएम, अखिलेश बनना चाहते थे मुस्लिमों के नेता

Mon, 07 Apr 2025 10:31 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज फिर अपने भाषण को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव को निशाने पर लिया है। 
विज्ञापन
Photo Title - फोटो : credit
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष धार्मिक नगरी उज्जैन में आए हुए हैं, जहां पर उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान कई लोगों पर निशान साधा।

विज्ञापन




उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे मुसलमानों के नेता बनने की कोशिश करते हैं और हिंदू त्योहारों पर कटाक्ष करते हैं। उन्होंने मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए कई प्रयास करते रहे। उन्होंने बिहार के नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा और यहां तक कह डाला कि बिहार के नेता तेजस्वी यादव बिहार के मुख्यमंत्री बनना चाहते थे, लेकिन अब वह सपना पूरा नहीं होगा। गृहमंत्री अमित शाह ने साफ कहा है कि बिहार में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि लालू यादव और उनके परिवार की परेशानियां बढ़ने वाली हैं। चारा घोटाले सहित अन्य मामलों की फिर से जांच शुरू हो चुकी है, जिससे आने वाला समय उनके लिए और कठिन होगा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- पूर्व मंत्री श्रवण पटेल सहित अन्य को कोर्ट में हाजिर होने के निर्देश, दो मई को अगली सुनवाई
विज्ञापन


जनसंख्या नियंत्रण की बात पर यह कहा
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज ने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है।उन्होंने कहा कि उनके अनुयायी सिर्फ दो बच्चों तक सीमित न रहें, बल्कि कम से कम तीन से चार बच्चे पैदा करें ताकि उनमें से 1 बच्चा संन्यासी बन सके और सनातन धर्म की सेवा कर सके। दो बच्चों से काम नहीं चलेगा। रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि मेरे पास भक्तों के फोन आ रहे हैं कि हमें एक संत रखना है। अगर सभी दो बच्चों पर रुक जाएंगे, तो संतों की संख्या घट जाएगी, इसलिए तीन से चार बच्चे होने चाहिए ताकि एक को संन्यासी बनाकर सनातन के लिए तैयार किया जा सके। 

ये भी पढ़ें- करोड़ों खर्च होने के बाद भी जलावर्धन योजना का काम नहीं हुआ पूरा, अनावेदकों को नोटिस जारी

इससे देशहित और धर्महित दोनों होंगे
उन्होंने स्पष्ट किया कि अखाड़ों में सिर्फ शिष्य परंपरा के तहत ही लोग शामिल हो सकते हैं, न कि पारिवारिक संबंधों के आधार पर।  हमारे मामा, भतीजे भी सीधे अखाड़े में नहीं आ सकते, जब तक वे शिष्य न हों।

वक्फ बोर्ड पर भी की तीखी टिप्पणी
रविंद्र पुरी महाराज ने वक्फ बोर्ड में हुए संशोधन की सराहना करते हुए कहा कि यह गरीब मुसलमानों के लिए फायदेमंद है। हमें हिंदुओं को इस बिल से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन मुसलमान समाज के जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिलेगा। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें