एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डीपी सूत्रकार ने जबलपुर स्थित मेसर्स मोहनलाल हरगोविंददास पार्टनरशिप फर्म से जुड़े संपत्ति विवाद मामले में पूर्व मंत्री श्रवण पटेल सहित अन्य को समन जारी किए हैं। विशेष अदालत ने सभी आरोपितों को आगामी 2 मई 2025 को अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है।
इस प्रकरण में आरोपितों में से ज्योत्सना देवी पटेल की मृत्यु हो चुकी है, इसलिए उन्हें समन से बाहर रखा गया है। अन्य जिनके खिलाफ समन जारी हुआ है, उनमें पूर्व मंत्री श्रवण पटेल के साथ रूपा पटेल, सोनल के अमीन और सिद्धार्थ पटेल शामिल हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला पूर्व सांसद से संबंधित होने के कारण एससीपीपीएम (Special Case for Public Persons and Politicians Matters) के रूप में पंजीबद्ध किया जाए।
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आवेदक गौतम पटेल की ओर से अधिवक्ता देवाशीष साकलकर और रणदीप सुरेजेबाला ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि वर्ष 2014 में लार्डगंज थाने में पूर्व मंत्री श्रवण पटेल सहित अन्य के खिलाफ संपत्ति विवाद को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने केस को तीन बार खारिजी के लिए प्रस्तुत किया, जो कि संदेहास्पद है।
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) द्वारा 14 मार्च 2019 को प्रस्तुत प्रतिवेदन में उपलब्ध दस्तावेज़ों और कथनों के आधार पर अपराध गठित होना पाया गया था। इसके बाद अभियुक्तों ने धारा 482 के तहत हाईकोर्ट में एफआईआर खारिज करने की याचिका लगाई थी, जिसे 28 जनवरी 2023 को अंतिम सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया। इन सभी तथ्यों को मद्देनज़र रखते हुए कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए समन जारी किया है और आरोपितों को 2 मई को कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।