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उज्जैन: केंद्रीय जेल के सिपाही मुंह में छिपाकर ले जा रहे थे चरस की पुड़िया, मुंह खुलवाने पर आए पकड़ में, तीनों निलंबित

Mon, 29 Nov 2021 05:12 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन की केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में जेल के ही तीन सिपाही चरस ले जाते हुए पकड़े गए हैं। सिपाही अपने मुंह में चरस छिपाकर ले जा रहे थे। बाहर से कम दाम में खरीदकर जेल के अंदर महंगे दाम में बेचते थे। तीनों सिपाहियों को निलंबित किया गया है।
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केंद्रीय जेल भैरवगढ़ उज्जैन। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कुछ दिन पहले हैकिंग के मामले में सुर्खियों में आई उज्जैन की केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में अब नया मामला सामने आया है। जेल के ही तीन सिपाही चरस ले जाते हुए पकड़े गए हैं। सिपाही अपने मुंह में चरस छिपाकर ले जा रहे थे। बाहर से कम दाम में खरीदकर जेल के अंदर महंगे दाम में बेचते थे। तीनों सिपाहियों को निलंबित किया गया है।
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जानकारी के मुताबिक घटना रविवार शाम की है। जेल में अधीक्षक उषा राज रविवार को चेकिंग कर रही थी। इस दौरान सिपाही शाहरूख,  यशपाल कहार और बलराम  अधीक्षक के सामने आए। तीनों के मुंह बंद थे। जब जेल अधीक्षक ने उन्हें रुकवाया तो वे मुंह खोलने को तैयार नहीं हुए। सख्ती करने पर तीनों ने मुंह खोला तो चरस की पुड़िया निकली।
चरस जब्त करते हुए मौके पर ही पंचनामा बनाया और तीनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया। जेल अधीक्षक ने बताया कि घटना की जानकारी जेल डीजी को भी दी गई है। मामले में यह बात सामने आई है कि सिपाही बाहर से 800 रुपये में चरस की पुड़िया खरीदते थे और अंदर जाकर 1500 रुपये में पुड़िया बेचते थे। पहले भी वे चरस की पुड़िया अंदर ले जाकर बेचते थे। जेल प्रशासन इस मा्मले में पता लगा रहा है कि जेल के अंदर पुड़िया किसको बेची जाती थी। जेल के बाहर कौन बेचने आता था। इसके बाद से जेल के बाकी कर्मचारी भी कानाफूसी कर रहे हैं। मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर भी पत्र लिखा गया है। 
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हैकिंग के आरोपों से मचा था हड़कंप
कुछ दिन पहले हैकिंग के मामले को लेकर भैरवगढ़ जेल सुर्खियों में आई थी। जेल में बंद अमर अग्रवाल ने आरोप लगाया था कि जेल के पूर्व अधिकारी जेल के अंदर लेपटॉप के माध्यम से उससे हैकिंग करवाते थे। सायबर ठगी के आरोप भी लगाए थे। इस मामले में खूब तूल पकड़ा था और जेल डीजी टीम के साथ निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। संबंधितों के बयान लिए थे।  इस मामले में जेल के उप अधीक्षक, सहायक जेलर व एक सिपाही जांच के चलते भोपाल मुख्यालय अटैच है। 
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