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उज्जैन: संतों ने जताया विरोध- मस्जिदों के लाउडस्पीकर चालू तो महाकाल मंदिर के माइक बंद क्यों...हिन्दू नामों से चल रहे होटलों पर भी उठाए सवाल

Sun, 17 Apr 2022 12:50 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन में संतों ने मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों के विरोध में आवाज उठाई है। संत डॉ. अवधेशपुरी महाराज और आह्वान अखाड़े के महामंडलेश्वर अतुलेशानंद महाराज ने इस संबंध में विरोध जताया है। हिन्दू नामों से चल रहे मुस्लिमों की होटलों पर भी सवाल उठाए हैं। 
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डॉ.अवधेशपुरी महाराज - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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महाकाल मंदिर की व्यवस्था सवाल खड़े करते हुए संत डॉ. अवधेशपुरी महाराज ने कहा है कि महाकाल मंदिर जाने पर अजान की आवाज आती है, आरती व मंत्रों की मंगल ध्वनि सुनाई ही नहीं देती है। जब मंदिर के आसपास स्थित मस्जिदों के लाउडस्पीकर चालू हैं, तो मंदिर के माइक क्यों बंद हैं। इसी तरह आह्वान अखाड़े के महामंडलेश्वर अतुलेशानंद महाराज ने महाकाल मंदिर के बाहर मुस्लिम समाज के होटलों पर सवाल उठाए हैं।
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दरअसल लाउडस्पीकर को लेकर देशभर में छिड़ी  बहस के बाद उज्जैन के संत भी इसमें शामिल हुए हैं। संत डॉ. अवधेशपुरी महाराज ने कहा है कि मस्जिदों की मीनारों पर आठ-आठ लाउडस्पीकर लगे हैं। इनके माध्यम से प्रतिदिन पांच बार अजान की आवाज आती है। इसके परिणाम स्वरूप आसपास के रहवासी क्षेत्र में हजारों विद्यार्थियों को पढ़ाई में व्यवधान होता है। बीमार व्यक्यिों को भी आराम करने में परेशानी होती है। महाकाल मंदिर प्रशासन माइक व लाउडस्पीकर का संधारण तक नहीं करा पा रहा है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए, ताकि श्रद्धालु आरती व मंत्रोच्चार की ध्वनि सुनकर धर्मलाभ ले सकें। इसके चलते महाकाल मंदिर के नजदीक जाने पर भी अजान की आवाज तो आती है, लेकिन महाकाल की भस्मआरती की नहीं। इसलिए प्रशासन को चाहिए कि हिंदुओं के साथ इस प्रकार का भेदभाव न करे। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के शिखर के ऊपर चलने वाला तुरई लाउडस्पीकर पिछले कई साल से बंद हैं। आह्वान अखाड़े के महामंडलेश्वर अतुलेशानंद महाराज ने भी इसका समर्थन किया है और दोनों संतों ने कहा कि महाकाल मंदिर के नजदीक जाने पर भी अजान की आवाज तो आती है, लेकिन महाकाल की भस्मआरती की नहीं। इसलिए महाकाल मंदिर के विकास पर हजारों करोड़ खर्च करने वाले प्रशासन को चाहिए कि हिंदुओं के साथ इस प्रकार का भेदभाव न करे। उन्होंने कहाकि तेज बजते लाउडस्पीकर से विद्यार्थी ही नहीं ह्रदय रोगी भी परेशान होते हैं।
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महामंडलेश्वर अतुलेशानंद महाराज - फोटो : सोशल मीडिया

आह्वान अखाड़े के महामंडलेश्वर अतुलेशानंद ने मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर के साथ महाकाल मंदिर के बाहर मुस्लिम समाज के होटलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास करीब 180 होटल ऐसे हैं जो मुस्लिम, हिन्दू नाम से चला रहे हैं। संतों ने शासन से निवेदन किया है कि नाम हिन्दी में करने के साथ मालिकों के नाम व नंबर स्पष्ट रूप से भी बोर्ड पर दर्शाए जाएं। संत ने चेतावनी दी है कि मांग नहीं मानी जाती तो हर हिंदू के घर लाउडस्पीकर फुल वॉल्यूम में बजेगा। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा है कि महाकालेश्वर मंदिर के बाहर आरती की जगह नमाज सुनाई पड़ती है। आरती की आवाज तो दबी रह जाती है, दिन में 5 बार मंदिर के आसपास करीब 2000 लाउडस्पीकर बजते हैं। इसकी वजह से साधु संत अपनी तपस्या पूर्ण नहीं कर पाते हैं। 
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