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उज्जैन: चार सौ साल पुराने जैन मंदिर में केसर की वर्षा, चमत्कार मानकर दर्शन के लिए उमड़ रहे ग्रामीण

Sun, 26 Dec 2021 05:52 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन जिले के एक गांव में स्थित जैन मंदिर में केसर(चंदन) की वर्षा के दावे किए जा रहे हैं। समाजजन इसे चमत्कार मान रहे हैं। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 
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उज्जैन जिले के ग्राम रुई स्थित जैन मंदिर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के एक गांव में स्थित जैन मंदिर में केसर (चंदन) की वर्षा के दावे किए जा रहे हैं। समाजजन इसे चमत्कार मान रहे हैं। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में मंदिर परिसर में लगे मार्बल पर कई जगह केसर (चंदन) के छींटे दिखाई दे रहे हैं। मंदिर चार सौ साल पुराना बताया जा रहा है।
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जानकारी के मुताबिक उज्जैन जिले के उन्हेल रोड से सटा हुआ गांव रुई है। यहां प्राचीन श्वेतांबर जैन मंदिर स्थित है। इसे चार सौ साल पुराना बताया जा रहा है। इस मंदिर में भगवान को लगाए जाने वाले केसर (चंदन) की वर्षा की बात कही जा रही है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि मंदिर परिसर में जो मार्बल लगे हैं उनमें जगह-जगह केसर के छींटे नजर आ रहे हैं। मंदिर के पुजारी, ट्रस्टी और ग्रामीणों का दावा है कि ये एक चमत्कार है और महीनेभर में यह दूसरी घटना है जब ऐसा हुआ है। इस मंदिर में भगवान वीरमणि और पारसनाथ की मूर्ति स्थापित है। करीब चार सौ वर्षों बाद मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया। इसके चलते 10 दिन का विशेष आयोजन किया गया। इसमें अन्य भगवान की मूर्तियां भी स्थापित की गई। मंदिर को नया रूप दिया गया। मूर्तियों में भगवान धर्मनाथ, विमल नाथ व आदिनाथ प्रभु की मूर्ति है। पहले भगवान अकेले थे अब पूरे परिवार के साथ बैठे हैं। उसी की खुशी में ये भगवान की ओर से चमत्कार और आशीर्वाद है जो साक्षात देखने को मिल रहा है। मंदिर के ट्रस्टी व पुजारी ने बताया कि दो दिन बाद हमारा (जैन समाज) बड़ा पर्व है पौषी दशमी। पर्व से पहले हम इसे चमत्कार मान रहे हैं। पूरा गांव इसे चमत्कार रूप में देख रहा है और दर्शन के लिए उमड़ रहा है।

पहले पूरे गांव में हुई  वर्षा, फिर मंदिर परिसर में
समाजजनों का कहना है कि 10 दिसंबर से 13 दिसम्बर के बीच पहली बार ये वर्षा पूरे गांव में हुई। ग्रामीणों ने प्राकृतिक घटना मानकर अपने स्तर पर आसपास के अन्य गांवों में पता किया तो ऐसी कोई घटना वहां होना नहीं पाई गई। सिर्फ रुई गांव में ये घटना मंदिर में मूर्ति स्थापना के बाद 10 से 13 दिसंबर के बीच हुई, जिसके बाद ग्रामीणों ने ये घटना 24 दिसम्बर व 25 दिसम्बर को फिर होते देखी। जगह-जगह चंदन केसर के निशान ग्रामीणों की उत्सुकता को बढ़ा रहे थे। हर कोई जानना चाह रहा था कि ये क्या हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले पूरे गांव में ये वर्षा हुई और अब सिर्फ मंदिर परिसर में ये वर्षा हो रही है। जैन समाज के ट्रस्टी पंकज ने कहा हमारा एक बड़ा पर्व पौषी दशमी है। उससे पहले ये घटना भगवान का आशीर्वाद स्वरूप है। मंदिर का पूरा नाम वीरमणि श्री शांतिनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर है जो ग्राम रुई उन्हेल रोड पर स्थित है। इधर मामले में अब तक किसी विशेषज्ञ की तरफ से किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं आई है कि घटना की क्या वजह हो सकती है। ग्रामीण इसे चमत्कार मान रहे हैं और मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
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