भाजपा में गुटबाजी की खबरें तो अक्सर आती रहती है लेकिन उज्जैन भाजपा में एक ऐसी घटना हुई है जिसने पार्टी के अनुशासन को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। भाषण में अपना नाम न लेने से नाराज सांसद प्रतिनिधि ने भरी सभा में भाजपा के जिलाध्यक्ष पर पिस्टल तान दी और धमकी दी कि गोली मार दूंगा। मामले के बाद सांसद ने प्रतिनिधि को पद से हटा दिया तो जिलाध्यक्ष ने पुलिस थाने पहुंचकर केस दर्ज करवाया। इस घटना ने भाजपा के अनुशासन की हकीकत उजागर कर दी और पार्टी की अंदरूनी कलह उजागर हुई।
दरअसल उज्जैन जिले के तराना क्षेत्र के ग्राम कायथा में सांसद अनिल फिरोजिया सांसद निधि से विकास कार्यों का भूमिपूजन करने गए थे। इसमें उज्जैन नगर सहित ग्रामीण के भाजपा नेता मौजूद ते। भाजपा जिलाध्यक्ष बहादुरसिंह बोरमुंडला मंच पर भाषण दे रहे थे। भाषण के दौरान उन्होंने लगभग सभी नेताओं के नाम लिए लेकिन कृषि उपज मंडी में सांसद प्रतिनिधि रामस्वरूप पांडे का नाम लेना भूल गए। इस पर सांसद प्रतिनिधि पांडे को गुस्सा आ गया। वह सभा से उठा और मंच पर पहुंचा। भाजपा जिलाध्यक्ष पर पिस्टल तान दी और धमकाया कि गोली मार दूंगा। घटना के बाद पांडे भाग गया। अचानक हुए वाकये से जिलाध्यक्ष तो घबराए ही, सभा में मौजूद अन्य भाजपा नेता भी सकते में आ गए। कहा जा रहा है कि इसके पहले भी कुछ कार्यक्रमों में पांडे का नाम नहीं लिया गया था तो वह नाराज था। इसी कारण उसे गुस्सा आया और जिलाध्यक्ष से कहा कि आप हर कार्यक्रम में मेरा नाम नहीं लेते हो। सांसद फिरोजिया ने घटना के बाद पांडे को प्रतिनिध पद से हटा दिया। जिलाध्यक्ष बोरमुंडला ने पुलिस थाने पहुंचकर पांडे के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई।