Ujjain: जेसीबी से तोड़ा गया मकानों को।
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महाकालेश्वर विस्तारीकरण योजना के तहत महाकाल मंदिर क्षेत्र में मकानों को तोड़ने की कार्रवाई फिर से शुरू हुई है। मंगलवार को प्रशासनिक अमला कार्रवाई के लिए पहुंचा। अप्रिय स्थिति न बने इसके लिए पुलिस फोर्स भी तैनात रहा। बेगमबाग क्षेत्र के 17 मकानों को तोड़ा गया।
गौरतलब है कि महाकालेश्वर मंदिर के विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत महाकाल मंदिर के आसपास 500 मीटर और मंदिर के सामने 70 मीटर क्षेत्र को स्मार्ट सिटी के तहत अधिग्रहित किया है। यहां सिंहस्थ के पहले करीब 700 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट तैयार किए जाएंगे। इस क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण सहित अन्य काम होंगे। पिछले दिनों मकानों व दुकानों को हटाया गया था। इसके बाद मंगलवार को नगर निगम व प्रशासनिक अमला महाकाल मंदिर के पास बेगमबाग कॉलोनी में 17 अवैध मकानों को एक माह के नोटिस के बाद ध्वस्त करने पहुंचा।
यहां रहवासियों ने प्रधानमंत्री आवास के तहत दी जाने वाली मल्टी की चाबी दिए बिना कार्रवाई करने का आरोप लगाया और कहा कि हम एक परिवार के 18 सदस्य अब 1 कमरे में कैसे रहेंगे। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पूरा मकान गया हमारा, हमें कुछ भी नहीं मिला, हमें कुछ तो दिया जाए। 15 सदस्य एक घर में रहते हैं। छोटे से घर में छोटे-छोटे बच्चों को लेकर अब कैसे गुजर बसर करेंगे। अभी तक एक मल्टी के कमरे की चाबी भी नहीं दी और खाली करवाकर मकान तोड़ने आ गए।
सामान खाली करने का दिया समय
कार्रवाई को लेकर मंगलवार सुबह 8 बजे से प्रशासनिक अमला पहुंचा। मकान मालिकों को घर से सामान निकालने का समय दिया और करीब दो घंटे बाद जेसीबी से मकान तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि फरवरी 2022 में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की प्रस्तावित उज्जैन यात्रा को देखते प्रशासन सबसे पहले 900 मीटर लंबे महाकाल कॉरिडोर को पूरा करने में जुट गया है। महाकाल के आसपास स्मार्ट सिटी के 224 करोड़ के विकास कार्य चल रहे हैं। इसके अलावा मंदिर समिति का फेसिलिटी सेंटर बन रहा है। ये काम 80 फीसदी से ज्यादा पूरे हो चुके हैं। इन कामों को फरवरी 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य है। महाकाल मंदिर में दर्शन कॉरिडोर 900 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा बनेगा। इसे कलात्मक और हेरिटेज लुक में विकसित किया है। इसमें ई-व्हीकल के लिए भी प्रावधान किया है। दर्शनार्थियों के लिए पैदल पथ रहेगा।
इस मामले में एसडीएम संजय साहू ने कहा कि कुल 17 मकानों को चिन्हित किया गया है। इसमें से 12 मकान आंशिक रूप से व 5 मकान पूर्ण रूप से ध्वस्त किए जा रहे हैं। जो 5 मकान हैं उनके मालिकों को प्रधानमंत्री आवास के तहत पंवासा क्षेत्र में बनाई गई मल्टी में रहने के लिए घर दिए जाने हैं।