भोपाल रेल मंडल आने वाले दिनों में रेलवे के 100 दिनी प्लान के साथ ही यहां हॉल्ट लेकर जाने वाली दो राजधानी एक्सप्रेस श्रेणी की ट्रेनों की रफ्तार को औसतन 20 किमी प्रतिघंटा तक बढ़ाएगा।
दिल्ली-मुंबई और बंगलूरू राजधानी एक्सप्रेस जिनकी औसत रफ्तार को 140 से बढ़ाकर 160 किमी प्रतिघंटा कर दिया जाएगा। इससे जहां दिल्ली से मुंबई तक के यात्रा समय में एक से डेढ़ घंटे तक की कमी आएगी। वहीं, दिल्ली से बेंगलूरू के बीच यात्रा में लगभग दो से ढाई घंटे का समय घट जाएगा।
दरअसल, रेलवे द्वारा अपने 100 दिनी आधुनिकीकरण प्लान के तहत ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने पर जोर देने के साथ-साथ ट्रेनों के समय पर आने का भी पूरा ध्यान देगा। वहीं, रेलवे द्वारा जिन स्टेशनों पर फिलहाल इंटरनेट की सुविधा नहीं हैं, वहां जल्द ही इसकी शुरुआत की जाएगी।
रेलवे प्रवक्ता आईए सिद्दीकी का कहना है कि भोपाल रेल मंडल ने भी 100 दिवसीय प्लान पर अमल शुरू कर दिया है। इस प्लान के तहत अगले तीन सालों के भीतर ट्रेनों का पूरा संचालन लिंक हॉफमैन बुश टेक्नोलॉजी वाले स्टेनलेस स्टील कोच से किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि स्टेनलेस स्टील कोच स्लीपर श्रेणी में ही हर कोच में 6 से 8 बर्थ संख्या बढ़ सकेगी। जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।
माना जा रहा है कि नए साल में नई दिल्ली-हबीबगंज शताब्दी सहित इसी श्रेणी की अन्य ट्रेनों की औसत रफ्तार भी 160 किमी प्रतिघंटे तक की जाएगी। इससे दिल्ली से भोपाल के बीच लगने वाला आठ घंटे का सफर घटकर साढ़े छह घंटे का हो जाएगा।
प्लान में कहा गया है कि जिन रेलवे स्टेशन पर वर्तमान में 4जी इंटरनेट की सुविधा है, वहां 5जी आते ही अपग्रेड किया जाएगा। इनमें रेल मंडल के भोपाल व हबीबगंज के अलावा इटारसी, बीना जैसे स्टेशन शामिल हैं।
इस प्लान के तहत हर एक ट्रेन की माइक्रो लेवल पर निगरानी भी की जाएगी। इससे ट्रेनों की समय की पाबंदी बरकरार रखने में मदद मिलेगी। हालांकि वर्तमान में भोपाल रेल मंडल में ट्रेनों की समय की पाबंदी अभी भी 90 फीसदी से ज्यादा रहती है।
वहीं, प्लान के अनुसार स्टेशनों के प्लेटफॉर्म की पैसेंजर क्षमता को बढ़ाया जाएगा। यात्रियों और सामान के आवागमन के लिए अलग रास्ते बनाए जाएंगे। पिकअप और ड्रॉप के लिए पर्याप्त संख्या में प्वाइंट्स बनाए जाएंगे। यात्रियों के लिए रिफ्रेंशिंग हॉल, रेस्ट रूम्स की संख्या बढ़ाई जाएगी।