डेम के पास पूजा पाठ करता जिला प्रशासन
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धार में कारम नदी पर निर्माणाधीन बांध में लीकेज की वजह से प्रशासन ने गुरुवार को निचले हिस्से में आने वाले 18 गांव के लोगों और पशुओं को बाहर निकाला। उसके बाद दीवार में कट लगाकर पानी निकाला गया। जान-माल और डेम को नुकसान न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने डेम के पास दो सुहागिन महिलाओं से पूजा-पाठ कराई।
जिला प्रशासन के अधिकारियों की ने सोमवार शाम होने से पहले पूरे विधि-विधान के साथ यहां पूजा अर्चना कराई। SDM धार रोशनी पाटीदार व रेणु अग्रवाल को कारम नदी के किनारे ले जाया गया। यहां मां नर्मदा व कारम नदी की पूजा की गई। इस दौरान पूजन सामग्री में साड़ी, रोली, कुमकुम, मेहंदी, बिंदी, चूड़ी, नारियल व रुपये रखकर पंडित दिनेश शर्मा ने मंत्र उच्चरण किया।
नदी में सुहाग की सामग्री प्रवाहित कर प्रार्थना की गई कि हैं मां संकट से तारो जनहानि व पशु हानि के अलावा डेम को भी नुकसान नही हो, दोनों महिलाओं के साथ जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। जलसंसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने भी साथ में मां की पूजा कर प्रार्थना की।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
धार जिले में निर्माणाधीन बांध के पास प्रशासन ने आस-पास के 18 गांवों को खाली कराया था। एहितयात के तौर पर लुन्हेराफाटा से धामनोद तक का रास्ता कुछ समय के लिए बंद रखा गया था। हालांकि, बाद में उसे खोल दिया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी लगातार बांध को लेकर अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे है। अधिकारी भी मौके पर डेरा डाले हुए है।
जांच के लिए बनाई समिति
मध्य प्रदेश के धार जिले के कारम बांध के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की जांच के लिए जल संसाधन विभाग ने चार सदस्यीय समिति गठित की है। समिति पांच दिन में जांच कर शासन को अपनी रिपोर्ट देगी। समिति निर्माणाधीन कारम बांध के क्षतिग्रस्त होने की परिस्थितियां, कारण और जिम्मेदार अधिकारियों के उत्तरदायित्व का निर्धारण करेगी।