Twisha Sharma Case: त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने, दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने और कथित ऑडियो व कॉल डिटेल की जांच कराने की मांग उठाई है।
भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में रहने वाली त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। गुरुवार को ट्विशा के परिजनों की ओर से अधिवक्ता ने जानकारी दी कि पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को भोपाल जिला अदालत से मिली अग्रिम जमानत निरस्त कराने और ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में कराने के लिए जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। फिलहाल मामले में सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है।
अधिवक्ता ने क्या कहा?
इसके अलावा परिजनों ने भोपाल जिला अदालत में एक परिवाद भी दायर किया है, जिसमें गिरिबाला सिंह की कॉल डिटेल की जांच कराने और त्विषा की मौत के बाद दो दिनों तक जिन नंबरों पर बातचीत हुई, उसकी जानकारी जुटाने की मांग की गई है। त्विषा शर्मा के परिजनों के अधिवक्ता अंकुर पाण्डेय ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने दहेज हत्या का मामला दर्ज करने में दो दिन का समय लिया, जबकि गिरिबाला सिंह को कुछ ही घंटों में अग्रिम जमानत मिल गई।
क्या है पूरा मामला?
त्विषा के परिजन अब तक अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए हैं। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट संदिग्ध है और मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। पुलिस ने पति समर्थ सिंह पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है, जबकि गिरिबाला सिंह को जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। अब परिजन उनकी जमानत रद्द कराने और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे हैं।
त्विषा शर्मा केस में कथित ऑडियो से नया विवाद
बताया जा रहा है कि इस कथित ऑडियो में त्विषा शर्मा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह तथा त्विषा के भाई मेजर हर्षित शर्मा के बीच बातचीत सुनाई देती है। हालांकि, इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। कथित बातचीत में त्विषा की निजी जिंदगी और पुराने रिश्तों को लेकर सवाल किए गए हैं। परिवार का आरोप है कि इस तरह की बातें कर त्विषा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उनके चरित्र पर संदेह जताया गया।