फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दर्द से तड़पती रही गर्भवती महिला, HIV के चलते डॉक्टरों ने वार्ड से बाहर निकाला

Thu, 07 Sep 2017 11:29 AM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
विज्ञापन
विज्ञापन
मध्यप्रदेश में दो बच्चों की मौत मेटरनिटी वार्ड के सामने हो गई। बुधवार को टीकमगढ़ जिला अस्पताल में दो बच्चों की मौत मेटरनिटी वार्ड के बाहर हो गई, क्योंकि डॉक्टरों ने पीड़ित महिला को अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया था। 
विज्ञापन


24 वर्षीय महिला को मंगलवार को लेबर पेन के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला का गांव जिला अस्पताल से 70 किमी की दूरी पर है। महिला के संबंधियों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने महिला को रिपोर्ट देखने के बाद भर्ती करने से मना कर दिया। 

पढ़ें: सीएचसी में प्रसव के दौरान तीन नवजातों की मौत

अस्पताल प्रशासन ने रात 11 बजे मेटरनिटी वार्ड के बाहर महिला को तड़पता हुआ छोड़ दिया। महिला की सास ने बताया कि वह दर्द से कराह रही थी, लेकिन उसे भर्ती करने के बजाय उन लोगों ने उसे मेटरनिटी वार्ड के बाहर निकाल दिया। 
विज्ञापन


' जो डॉक्टर और नर्स ड्यूटी पर थे उन्होंने कहा कि हम इसे झांसी रेफर कर रहे हैं, क्योंकि इसे एचआईवी है। मैंने उन लोगों से भीख मांगी कि उसे यहां रहने दे, हमारे पास एंबुलेंस के पैसे नहीं है पर उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी ', पीड़ित की सास।

हालांकि टीकमगढ़ अस्पताल के डॉक्टर आरएस दंडोतिया का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि चूकि महिला एचआईवी से पीड़ित थी, इसलिए हम उसे मेटरनिटी वार्ड में भर्ती कराने का रिस्क नहीं ले सके थे। बच्चों की मौत इसलिए हुई क्योंकि उनका जन्म 8वें महिने में हुआ था और वह बहुत कमजोर थे। 

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरद जैन ने बच्चों की मौत पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना शर्मनाक है, अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें