टीकमगढ़ शहर में फर्जी समिति बनाकर बैंक संचालित करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन लोगों ने बैंक खोलकर करोड़ों रुपये की उपभोक्ताओं से ठगी की है, जिसमें इस समिति का संचालक समीर अग्रवाल भी शामिल है जो मुंबई में रहता है।
टीकमगढ़ शहर के चकरा तिराहे पर एलजेसीसी के नाम से एक बैंक संचालित होती थी। जो लोगों को पांच साल में दोगुना धन करने का लालच देकर उनसे एफडीआर करवाती थी। इसके साथ हजारों लोगों के खाते खोल करके उनका कलेक्शन प्रतिदिन किया जाता था। पहले यह बैंक ऑप्शन के नाम से चलती थी, इसके बाद इसका नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी हो गया और अंत में इसका नाम लस्टीनेस जनहित कैडेट कोऑपरेटिव सोसाइटी हो गया। जो पिछले पांच साल से टीकमगढ़ शहर सहित लिधौरा जतारा में अपनी शाखाएं खुलकर के रुपयों का कलेक्शन उपभोक्ताओं से करती थी।
लेकिन पिछले महीने अचानक बैंक रातो-रात गायब हो गई। इसके बाद टीकमगढ़ जिले के उपभोक्ताओं ने टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक रोहित को संयुक्त रूप से एक आवेदन दिया और बताया कि यह उपभोक्ताओं के करोड़ों रुपये लेकर कैसे फरार हो गई है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कोतवाली टीकमगढ़ की एक टीम बनाकर के इस मामले की जांच के आदेश दिए। जांच आदेश मिलने के बाद टीकमगढ़ पुलिस कोतवाली के प्रभारी आनंद राज ने इस कंपनी के डायरेक्टर सहित 14 लोगों के खिलाफ पुलिस कोतवाली में सोमवार को मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस कोतवाली की एफआईआर में बताया गया है कि टीकमगढ़ शहर के जेल के सामने रहने वाले मोहम्मद हफीज शहद कई लोगों ने पुलिस थाना आकर आवेदन दिया था। बताया था कि इस कंपनी समिति के कर्मचारियों ने एफडीआआर के नाम पर उनसे 18 लाख रुपये की ठगी कर ली है। इस पूरे मामले में विवेचना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
इन लोगों पर हुआ मामला दर्ज
पुलिस कोतवाली टीकमगढ़ में दर्ज की गई एफआईआर के अनुसार, सुबोध रावत निवासी टीकमगढ़, जियालाल राय निवासी टीकमगढ़, आलोक जैन निवासी ललितपुर उत्तर प्रदेश, सुपर जैन ,विजय शुक्ला, आलोक, रवि तिवारी, सुरेंद्र, सतीश सक्सेना, सूरज रैकवार, निवासी टीकमगढ़ सचिन जैन, राहुल यादव और पंकज, समीर अग्रवाल निबासी मुंबई के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक दिन पहले आरोपी को पड़कर किया था। पुलिस के हवाले टीकमगढ़ के शहर के रहने वाली उपभोक्ताओं ने इस मामले के आरोपी जियालाल राय को टीकमगढ़ शहर के मोटे के मोहल्ला से पड़कर के पुलिस के हवाले कर दिया था। लेकिन पुलिस ने अभी इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं दिखाई है।