टीकमगढ़ के ग्राम विद्या में पिता भागीरथ बुनकर की हत्या के मामले में जिला अदालत ने बेटे महेंद्र, पत्नी उर्मिला और बेटी मनीषा को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। महेंद्र को झूठी सूचना देने के मामले में अतिरिक्त सजा भी मिली।
दिगौड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम विद्या में मई 2024 में हुई भागीरथ बुनकर की हत्या के मामले में जिला न्यायालय टीकमगढ़ ने मृतक के बेटे, पत्नी और बेटी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी महेंद्र बुनकर, उद्देती उर्फ उर्मिला बुनकर और मनीषा बुनकर को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी पाया। तीनों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
लोक अभियोजक श्रवण खरे ने बताया कि घटना 25 मई 2024 को सुबह करीब 8 से 10 बजे के बीच ग्राम विद्या स्थित भागीरथ बुनकर के घर पर हुई थी। अभियोजन के अनुसार, तीनों आरोपियों ने साझा मंशा के तहत भागीरथ पर लाठी और लोहे की कुदाली से हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई।
वहीं, उद्देती उर्फ उर्मिला बुनकर और मनीषा बुनकर को धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास तथा 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अदालत ने न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि का नियमानुसार समायोजन करने के निर्देश भी दिए।