टीकमगढ़ मध्य प्रदेश जिले में गोवंश की दुर्दशा के विरोध में शनिवार को एक संत ने पशु चिकित्सक के साथ मारपीट कर दी। इसके अलावा उन्होंने पशुपालन विभाग के उपसंचालक को फोन लगाकर आंदोलन करने और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के साथ जूते चप्पलों से मारपीट करने की चेतावनी दी है। मारपीट की घटना के बाद पशुपालन विभाग के डॉक्टर एकजुट हो गए हैं।
दरअसल, जिले में गोवंश की दुर्दशा के चलते संत देव स्वरूपानंद बीते छह माह के दौरान दो बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। एक सप्ताह पहले उन्होंने सड़क पर घूम रहे गोवंश को व्यवस्थित करने के लिए पशुपालन विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था। बावजूद इसके निराश्रित गोवंश की देखरेख पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। संत देव स्वरूपानंद ने बताया कि शनिवार सुबह कुंडेश्वर रोड पर एक स्कूल के पास एक गाय गर्भावस्था से तड़प रही थी।
जानकारी लगते ही वे मौके पर पहुंचे और पशु चिकित्सक को उपचार के लिए फोन लगाया। काफी देर तक वे मौके पर नहीं पहुंचे। इस दौरान गाय के नवजात बछड़े की मौत हो गई। इसके बाद जैसे ही पशु चिकित्सक डॉक्टर आरके जैन मौके पर पहुंचे तो नाराज होकर संत देव स्वरूपानंद ने उनके साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद पशु विभाग के अधिकारी और अन्य चिकित्सक मौके पर पहुंच गए। उन्होंने डॉक्टर आरके जैन के साथ की गई मारपीट की घटना पर विरोध जताया। साथ ही संत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कोतवाली रवाना हो गए।
उप संचालक को फोन लगाकर दी चेतावनी
संत देव स्वरूपानंद ने पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉक्टर डीके विश्वकर्मा को फोन लगाकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर गाय की मौत हुई तो पूरे शहर की सड़कें जाम कर देंगे। साथ ही पशुपालन विभाग के लापरवाह डॉक्टर और कर्मचारियों के साथ मारपीट करने की चेतावनी भी दी। संत की चेतावनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। फिलहाल पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने कलेक्टर को पूरे मामले से अवगत कराकर संत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।