जिले के देरी गांव में पिता और उसके दो पुत्रों के अपहरण के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अपहृतों को सकुशल छुड़ाकर आरोपियों के पास से दो मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
अपहरण की पूरी घटना
देरी पुलिस चौकी प्रभारी चंदन शाक्य ने जानकारी देते हुए बताया कि 8 मार्च को गांव की रहने वाली सियाबाई (50) पत्नी बच्चालाल तिवारी ने पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पति बच्चालाल तिवारी और पुत्र कैलाश व आशीष का बस स्टैंड देरी से कुछ अज्ञात लोगों ने मारपीट कर अपहरण कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अपहरण का मामला दर्ज किया गया और पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई को इसकी सूचना दी गई।
पुलिस ने ऐसे सुलझाया मामला
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसकी जिम्मेदारी देरी चौकी प्रभारी चंदन शाक्य को सौंपी गई। साइबर सेल की मदद से छतरपुर जिले के गढ़ी मलहरा क्षेत्र में दबिश दी गई और अपहृतों को बरामद कर लिया गया। साथ ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से दो मोटरसाइकिल जब्त की गईं।
उधारी के विवाद में किया गया था अपहरण
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों को अपहृतों से अनाज बेचने के पैसे लेने थे। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची और देरी गांव पहुंचकर तीनों को बुलाकर बाइक पर बैठाकर अपहरण कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी
देरी चौकी प्रभारी चंदन शाक्य ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी छतरपुर जिले के गढ़ी मलहरा के रहने वाले हैं। सिंह राज (27 वर्ष), काशी प्रसाद (51 वर्ष), देशराज पाल (22 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों ने 8 मार्च को दोपहर में देरी गांव से बच्चालाल तिवारी और उनके दोनों बेटों का अपहरण किया था। पुलिस ने तीनों को सकुशल छुड़ाकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।