टीकमगढ़ के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बरेठी में एक मकान पर पथराव और धमकी देने का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। पीड़ित ने पुलिस पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत और पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
टीकमगढ़ जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र की बंधा चौकी अंतर्गत ग्राम बरेठी में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव में कथित बदमाशों द्वारा एक मकान पर पथराव, गाली-गलौज और धमकी देने का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस की निष्क्रियता से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
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पीड़ित ओमप्रकाश दीक्षित का आरोप है कि उन्होंने घटना की शिकायत मोहनगढ़ थाना और बंधा चौकी में की, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं, इसके बावजूद पुलिस गंभीरता नहीं दिखा रही है।
ग्रामीण रामकिशोर का आरोप है कि संबंधित आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। उनका कहना है कि एक माह का जिलाबदर समाप्त होते ही वे गांव लौट आए और फिर से लोगों को धमकाने, गाली-गलौज करने तथा कथित रूप से अवैध वसूली करने लगे। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने पर पुलिस कार्रवाई करने के बजाय शिकायतकर्ताओं को ही डांट देती है।
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ग्राम पंचायत बरेठी के सरपंच सुनील सौर ने भी आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व पंचायत के निर्माण कार्यों में कमीशन की मांग करते हैं। मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट और धमकी दी जाती है। उनका कहना है कि पुलिस से शिकायत करने पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है। सरपंच ने आरोप लगाया कि जिलाबदर की अवधि समाप्त होते ही आरोपियों ने गांव में पहुंचकर ओमप्रकाश दीक्षित के घर पर पथराव किया और खुलेआम धमकियां दीं।
हालांकि, इस मामले में सागर रेंज के आईजी मिथलेश शुक्ल ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि सीसीटीवी फुटेज और शिकायत के आधार पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गांव में कानून का राज स्थापित हो सके और लोगों का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास कायम रहे।