पुलिस का डंडा लोगों की आत्मरक्षा और सुरक्षा के लिए बनाया गया है। लेकिन यही डंडा अगर अपराधियों और माफिया की शरण में पहुंच जाए तो आप क्या कहेंगे। कुछ ऐसा ही मामला टीकमगढ़ जिले से सामने आया। जहां पुलिस अपने डंडे का प्रयोग उन गरीबों पर कर रही है, जिन्हें मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पट्टे की जमीन दी गई है। लेकिन पुलिस के संरक्षण में गरीबों की जमीन पर अतिक्रमण और कोई नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत का सरपंच कर रहा है। राशि मध्यप्रदेश सरकार की लगाई जा रही है और तमाशा देख रहे हैं जिला प्रशासन के आलाधिकारी, जिनके कंधों पर भार है गरीबों को न्याय देने का। यह पूरा मामला टीकमगढ़ के चंदेरा गांव का है।
टीकमगढ़ की तहसील लिधौरा के अंतर्गत सागर संभाग की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत चंदेरा आती है। जहां पर सरपंच द्वारा 15वें वित्त से पुलिस थाने की बाउंड्री वाल का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन इसी बाउंड्री वॉल से लगी हुई दो लोगों की जमीन है, जिन्हें मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आवासीय पट्टे दिए गए थे। लेकिन उन पट्टों पर सरपंच द्वारा गुंडागर्दी करके जबरदस्ती निर्माण का काम किया जा रहा है और गरीब परिवार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं और तमाशा देख रहे हैं।
15वें वित्त से हो रहा है काम
नियमानुसार शासकीय जमीन पर तो कार्य कर सकते हैं। लेकिन किसी की निजी जमीन पर निर्माण करना गलत है। लेकिन नियमों को दरकिनार करके शासकीय राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। सरपंच द्वारा जहां पुलिस थाने की बाउंड्री वॉल बनाई जा रही है, वहीं बाउंड्री वॉल से लगी बीरेंद्र जैन और रामनरेश शुक्ला की जमीनों पर कब्जा कर उन पर अवैध दुकानों का निर्माण किया जा रहा है।
वीरेंद्र जैन का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने जतारा एसडीएम से लेकर टीकमगढ़ कलेक्टर और जनपद से लेकर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवेदन दिए हैं। लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है और सरपंच द्वारा खुलेआम गुंडागर्दी पुलिस की संरक्षण में कर उनकी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। जहां पर जली को हटा कर पिलर खड़े किए जा रहे हैं। पुलिस थाने जाओ तो पुलिस वाले सुनने को तैयार नहीं हैं। क्योंकि पुलिस का पूरा संरक्षण सरपंच को है।
मामले की करेंगे जांच
टीकमगढ़ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नवीन धुर्वे से जब संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और वह इस पूरे मामले की जांच कराएंगे। क्योंकि शासकीय राशि से किसी की निजी भूमि पर निर्माण नहीं किया जा सकता है। अगर किया गया है तो उस राशि के आहरण पर रोक लगाई जाएगी और सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जतारा एसडीम शैलेंद्र सिंह का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है और मामले को देखेंगे।