टीकमगढ़ न्यायालय परिसर में पिता की हत्या के आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिलने से नाराज एक युवक ने कथित तौर पर फांसी लगाने की कोशिश की। सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते उसे पकड़ लिया और पुलिस ने समझाइश देकर घर भेज दिया।
टीकमगढ़ के न्यायालय परिसर में मंगलवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब पिता की हत्या के आरोपियों को जमानत मिलने से नाराज एक युवक ने कथित तौर पर फांसी लगाने की कोशिश की। युवक की पहचान मोहनगढ़ थाना क्षेत्र के कंचनपुर निवासी जितेंद्र प्रजापति के रूप में हुई है। वह अपने पिता घनश्याम प्रजापति की हत्या के मामले में आरोपियों को जमानत मिलने से नाराज बताया जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार, जितेंद्र को जब पता चला कि उसके पिता की हत्या के आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिल गई है, तो वह विरोध जताने के लिए टीकमगढ़ न्यायालय परिसर पहुंचा। यहां उसने कथित तौर पर फांसी लगाने का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद सुरक्षा जवानों की नजर उस पर पड़ गई और उन्होंने तत्काल उसे पकड़ लिया। सुरक्षाकर्मियों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जितेंद्र को अपने साथ थाने ले गई।
देहात थाना प्रभारी चंद्रजीत यादव ने युवक को समझाइश देकर घर भेजने की जानकारी दी है। घटना के बाद न्यायालय परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस ने स्थिति संभाली।
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एक जुलाई को हुई थी पिता की हत्या
जानकारी के मुताबिक, जितेंद्र के पिता घनश्याम प्रजापति की हत्या 1 जुलाई 2026 की रात हुई थी। आरोप है कि घटना के दौरान परिवार के साथ भी मारपीट की गई थी। मामले में अधिवक्ता मुकेश साहू के अनुसार, आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिलने के विरोध में जितेंद्र ने यह कदम उठाया।
मोहनगढ़ पुलिस ने मामले में डॉ. प्रकाश कुशवाहा, चंद्रभान कुशवाहा (ककरैला, ललितपुर), खुशीराम यादव (पटनापुर), रामराजा यादव (पटनापुर) और विद्याधर यादव (कुंवरपुरा) को आरोपी बनाया है। घटना के बाद अब पुलिस युवक के बयान और पूरे मामले की परिस्थितियों की जांच कर रही है।