शिकायत दर्ज कराने पहुंचे बच्चों के परिजन
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जिले के खरगापुर में संचालित जानकीबाई आवासीय हॉस्टल से तीन बच्चों के गायब होने की सूचना सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार गायब बच्चों में दो कक्षा 7वीं और एक कक्षा 4वीं में अध्ययनरत है। बच्चों के अचानक हॉस्टल से गायब होने की जानकारी मिलने पर परिजन चिंतित हो गए और खरगापुर थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। परिजनों ने पुलिस से बच्चों की जल्द तलाश कर उन्हें सुरक्षित वापस लाने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि बच्चों के गायब होने की सूचना मिलने के बाद हॉस्टल संचालक रमेश अहिरवार भी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इससे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि बच्चे हॉस्टल से कब और किन परिस्थितियों में बाहर गए इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
बिना मान्यता हॉस्टल संचालित होने की चर्चा
स्थानीय स्तर पर यह जानकारी भी सामने आ रही है कि जानकीबाई आवासीय हॉस्टल बिना मान्यता के संचालित किया जा रहा था। इसके अलावा खरगापुर नगर में ऐसे कई अन्य आवासीय हॉस्टल भी बिना मान्यता के संचालित होने की चर्चा है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है तो बच्चों की सुरक्षा और संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।
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शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल
मामले को लेकर शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि हॉस्टल संचालन में विभागीय लापरवाही या किसी तरह की मिलीभगत के आरोपों की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बच्चों की तलाश में जुटी पुलिस
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है और बच्चों की तलाश की जा रही है। पुलिस हॉस्टल में रहने वाले अन्य बच्चों, संचालक और संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है। साथ ही हॉस्टल की मान्यता और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता तीनों बच्चों को सुरक्षित तलाशना है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तीनों बच्चे किन परिस्थितियों में हॉस्टल से बाहर गए और हॉस्टल संचालन में निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।