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Tiger in Bhopal: भोपाल को बाघों से कितना डर? टाइगर क्यों आ रहे शहरी क्षेत्र में? डीएफओ ने दिए हर सवाल के जवाब

Sun, 09 Oct 2022 05:20 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

राजधानी भोपाल के मैनिट में बीते सात दिनों से बाघ का मूवमेंट है। इससे मैनिट के छात्रों और उनके प्रबंधक में दहशत का माहौल है। वन विभाग की टीम लगातार बाघ की मॉनीटरिंग कर रही है। इस मुद्दे पर अमर उजाला ने भोपाल के डीएफओ आलोक पाठक से बातचीत की।
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भोपाल डीएफओ आलोक पाठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल के शहरी क्षेत्र में बाघ के घुसने की लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं? क्या कारण है?
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जवाब- यह टी-123 बाघिन के बच्चे हैं। जो दो से ढाई साल की उम्र के हैं। वे अपना नया क्षेत्र बनाने में लगे हुए हैं। जिसे टेरेटरी कहते हैं। इसके लिए यह मूव करते रहते हैं। ऐसे ही मूव करते करते यह मैनिट तक पहुंच गए हैं। यह एक जगह नहीं रहते। चार-पांच दिन रहने के बाद दूसरी जगह की तरफ चल देते हैं।

मैनिट में सात दिन से बाघ है, परिसर में लोगों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
जवाब- मैनिट प्रबंधन के साथ मिलकर बाघ की लोकेशन वाले एरिया को चारों तरफ से सील कर दिया गया है। वहां वन विभाग से 40 से 50 का स्टाफ 24 घंटे तैनात है। बाघ वाले एरिया में किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है। डे-नाइट चौकसी की जा रही है। इसके अलावा छात्रों समेत परिसर में रहने वाले लोगों की काउंसलिंग की जा रही है कि यदि बाघ दिखे तो क्या करना है। रात में हॉस्टल या घर से ना निकलने की हिदायत दी जा रही है। जरूरत होने पर टू व्हीलर या फोर व्हीलर से निकलने के लिए कहा जा रहा है। इसके अलावा बाघ की मॉनीटरिंग के लिए कैमरे लगाए गए हैं। यह बाघ मेल कब टी- 123-4 है।
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वन विभाग के रिटायर्ड अधिकारियों का कहना है कि बाघ का शहरी क्षेत्र में रहना ठीक नहीं। उसे रेस्क्यू या किल करना चाहिए?
जवाब- मैं दोनों ही जवाब से असहमत हूं। यह किसी का व्यक्तिगत विचार हो सकता है। 12 साल से ज्यादा समय से भोपाल के आसपास नगर निगम सीमा क्षेत्र में बाघ का मूवमेंट है। कई बार लोगों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा भी है। इस बीच कभी मानव और वन्य प्राणी के बीच द्वंद्व होने की कोई घटना सामने नहीं आई। वहीं, मैनिट में भी 7 दिनों में कभी बाघ रहवासी क्षेत्र में नहीं आया है।
 
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मैनिट में 6 दिन बाद कैमरे में कैद हुआ टाइगर - फोटो : अमर उजाला
मैनिट परिसर से टाइगर को निकालने आपकी क्या रणनीति है?
जवाब- हमारी प्राथमिकता है कि बाघ नेचरल तरीके से जंगल की तरफ लौट जाए और हमें रेस्क्यू का कदम ना उठाना पड़े। हालांकि हमने पिंजरा भी लगाया हुआ है। बाघ पिंजरे तक आया है। उसके पगमार्क मिले हैं। एक-दो दिन इंतजार के बाद वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर आगे का निर्णय लेंगे।  

क्या बाघ के क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण हो रहा है ?
जवाब- पूरे चंदनपूरा क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर कही भी कोई अतिक्रमण नहीं है। हमारा पूरा फेंस एरिया है। जबकि लोगों के जागरूक होने से जंगल भी अच्छे हो रहे हैं। आसपास के एरिया में पेड़ पौधे घने हो रहे हैं। इसलिए कभी कभी यह वनप्राणी इधर आ जाते हैं।

भोपाल के आसपास कितने बाघों का मूवमेंट है? इनको शहर में आने से रोकने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?
जवाब- भोपाल जिले की सीमा में 12 से 14 बाघों का मूवमेंट है। यह दूसरे क्षेत्र में आते-जाते रहते हैं। शहरी क्षेत्र में बाघों को आने से रोकने के लिए 21 किमी एरिया में फैंसिंग की गई है।

मैनिट में बाघ शनिवार को दोबारा कैमरे में ट्रैप हुआ है?
जवाब- बाघ शुक्रवार के बाद शनिवार को भी कैमरे में ट्रैप हुआ है। उसका मूवमेंट मैनिट परिसर के पास बने तालाब के आसपास है। मैनिट परिसर को कैटिल फ्री भी कर रहे हैं।
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