फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां प्रादेशिक लड़ाई बनी जानलेवा, बाघ ने बाघिन की हत्या के बाद उसका शव भी खाया

Mon, 21 Jan 2019 11:01 AM IST
Shilpa Thakur न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
विज्ञापन
tiger
विज्ञापन

मध्यप्रदेश के कान्हा नेशनल पार्क से एक दुर्ल्भ मामला सामने आया है, यहां दो बड़ी बिल्लियों के बीच हुई लड़ाई हत्या तक पहुंच गई। यहां एक वयस्क बाघिन की हत्या एक बाघ ने कर दी है। बाघ ने हत्या के बाद बाघिन का शव भी खा लिया। मध्यप्रदेश में नरमांस-भक्षण का यह ताजा मामला है। इस बात की जानकारी सूत्रों ने दी।

विज्ञापन


बाघिन के आवशेष शनिवार को मिले। जिनमें खोपड़ी और पंजे शामिल हैं। इन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है। पार्क के फील्ड डायरेक्टर के कृष्णमूर्ति का कहना है, "जिस जानवर की मौत हुई है वह बाघिन लग रही है, जबकि नरभक्षी एक बाघ है, हम धारियों का मिलान करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके पीछे की वजह प्रादेशिक लड़ाई हो सकती है।" 

इस क्षेत्र का सर्वेक्षण करने के बाद एक रिपोर्ट जमा की गई। इसमें कहा गया है कि ऐसे बेहद कम उदाहरण मिलते हैं जहां शावक को दो वयस्क बाघों ने खाया है। इसके अलावा एक अन्य उदाहरण भी काफी दुर्लभ है कि बाघों के बीच लड़ाई हो और उनमें से एक दूसरे को मारकर खा जाए। 
विज्ञापन


क्षेत्र के डायरेक्टर ने कहा कि जानवरों के बीच नरमांस-भक्षण के बहुत से उदाहरण मिलते हैं, लेकिन बाघों के बीच ये बेहद कम होता है। किसी जानवर को खाने का कारण केवल भूख ही नहीं होती बल्कि लड़ाई भी होती है। वहीं विशेषज्ञों ने इस बात से इनकार कर दिया है कि एक बाघ ने दूसरे बाघ को खाया है।

उनका कहना है कि टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या अच्छी खासी बढ़ी है, जिससे संघर्ष आदि का सामना करने के लिए नई चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। इनकी बढ़ती संख्या से पता चलता है कि वन विभाग ने इनके संरक्षण के लिए अच्छे प्रयास किए हैं। लेकिन अब बाघों के गलियारे और क्षेत्रीय विभाजन पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए अधिक ध्यान दिए जाने की जरूरत है। 

बता दें मध्यप्रदेश को साल 1995 में एक टाइगर स्टेट घोषित किया गया था। उस वक्त यहां भारत के बाघों की 20 फीसदी और दुनिया के बाघों की 10 फीसदी आबादी घोषित हुई थी। लेकिन अब दृश्य बदल गया है। राज्य में बाघों की हो रही मौत चिंताजनक हैं। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें