सीहोर जिले में दो दिन पहले चमेटी क्षेत्र के किसानों ने खेतों में बाघ के पगमार्क दिखाई देने पर वन विभाग को सूचना दी थी। वहीं, अब वन विकास निगम लाड़कुई को पीपला के जंगलों में मृत बाघ का शव मिलने की सूचना मिली।
बाघ की मौत की सूचना पर वन अमले की टीम मौके पर पहुंची और वन बिहार भोपाल से डॉक्टरों की टीम बुलाकर बाघ के शव का परीक्षण कराया गया और फिर उसका दाह संस्कार कर दिया गया है। हालांकि, बाघ की मौत का सही कारण पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
डीएफओ एम एस डाबर ने आशंका जताई है कि दो बाघों की आपसी झड़प में एक बाघ की मौत हुई है। उल्लेखनीय हैं कि दो दिन पहले चमेटी निवासी किसान संतोष पंवार के खेत में बाघ के पगमार्क दिखाई दिए थे। जिसकी किसान ने वन अमले को दी थी। सूचना के बाद वन अमले ने जंगलों में बाघ की सर्चिंग शुरू की गई, लेकिन कुछ नहीं मिला।
गुरुवार को ग्रामीणों ने वन अमले को सूचना दी गई कि लाड़कुई परिक्षेत्र के पीपला वन क्षेत्र क्रमांक 240 में एक मृत बाघ का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर पहुंची टीम ने पोस्टमार्टम के बाद बाघ का अंतिम संस्कार कर दिया। वनमंडल अधिकारी डाबर ने बताया कि जंगल से सटे खिवनी वन अभ्यारण होने की वजह से बाघ लाड़कुई तक आ रहे हैं। ग्रामीणों ने एक बाघिन के साथ दो शावकों को भी देखा है। इसके लिए वन अमला जंगलों में सर्चिंग कर रहा है।