दंगा प्रभावित क्षेत्र तालाब चौक में रहने वाले अमन कर्मा ने कर्फ्यू में मिली ढील के दौरान बरात निकाल ली।
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लगातार तनाव में रहे खरगोन से एक अच्छी खबर आई है। रविवार को सुबह 8 से 12 बजे तक की ढील दी गई थी। इसी समय में यहां के एक युवक ने अपनी बारात निकाल ली। हालांकि वाहनों पर प्रतिबंध के कारण शहर में पैदल ही बारात निकली, जिसमें घर के लोग ही शामिल थे। शहर की सीमा के बाद वे वाहनों से दुल्हन के घर के लिए रवाना हो गए।
बता दें कि दंगा प्रभावित क्षेत्र तालाब चौक में रहने वाले अमन कर्मा की शादी की तैयारियां पिछले कई महीनों से चल रही थीं। हालात बिगड़ने के बाद शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया। बारात कैसे निकालेंगे, इसकी चिंता परिवार को सता रही थी। रविवार को अमन की बारात करीब 30 किमी दूर कसरावद तक जाना थी। रविवार सुबह कर्फ्यू में चार घंटे की ढील मिलते ही उन्होंने उसका फायदा उठाया और घर के लोगों के साथ ही पैदल वे शहर से बाहर तक बारात ले गए, इसके बाद वहां वाहनों की व्यवस्था की गई और सभी कसरावद के लिए रवाना हो गए।
परिजनों का कहना है कि अच्छा तो बिल्कुल नहीं लग रहा। शादी के लिए बहुत सारी तैयारियां की थी। कर्फ्यू के कारण ऐसा नहीं हो पाया, लेकिन खुशी है कि तय समय पर शादी हो गई। शादी की सारी रस्में आस-पास के 1-2 लोगों के साथ पूरी की। रिसेप्शन भी कर्फ्यू के कारण कैंसिल हो गया। कई दोस्त और रिश्तेदार नहीं आ पाए, यह कमी जरूर खल रही है। बता दें कि रामनवमी पर निकले जुलूस पर पथराव के बाद से ही खरगोन में कर्फ्यू लगाया गया है। हालातों को देखते हुए रोज थोड़ी-थोड़ी ढील दी जा रही है। रविवार को सुबह 8 से 12 बजे तक ढील दी गई थी।