भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने विदिशा से अपना प्रचार अभियान छेड़ दिया है, लेकिन उनके भाषणों में नमो-नमो का जाप कहीं दिखाई नहीं दे रहा। वह कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने की बारीकियां सिखा रही हैं, यूपीए सरकार की विफलताओं पर हमला कर रही हैं।
साथ ही शिवराज सरकार की उपलब्धियां भी गिना रही हैं लेकिन नरेंद्र मोदी का जिक्र उनकी दो सभाओं में कहीं नहीं हुआ। दूसरी तरफ पूरे राज्य में मोदी के केंद्रीय प्रचार समिति की ओर से भेजे गए होर्डिंग्स हैं, जिनमें अकेले मोदी हैं।
सुषमा स्वराज ने पिछले दो दिनों में बेगमगंज और सिलवानी में सभाएं की हैं। सभाओं में वैसी ही खासी भीड़ थी, जैसी सुषमा स्वराज के कद के नेता की सभाओं में होनी चाहिए। लेकिन सुषमा का भाषण सुनने वाले यह देखकर हैरान रह गए कि उन्होंने नरेंद्र मोदी का नाम जहां तक संभव हो सका, नहीं लिया, बल्कि सुषमा स्वराज ने मीडिया से यह कहकर भाजपा में ध्रुवीकरण के साफ संकेत दे दिए कि जसवंत सिंह के नाम पर केंद्रीय चुनाव समिति में कोई विचार नहीं किया गया।