मध्य प्रदेश पुलिस कॉडर में सुधीर सक्सेना दूसरे नंबर के अधिकारी हैं।
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मध्य प्रदेश के नए डीजीपी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुधीर सक्सेना ही होंगे। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की पुष्टि के बाद शुक्रवार सुबह आदेश भी जारी हो गया है। 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी सुधीर सक्सेना मध्य प्रदेश के 31वें डीजीपी होंगे।
शुक्रवार सुबह जारी आदेश के मुताबिक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे सक्सेना को अस्थायी तौर पर डीजीपी बनाया गया है। इससे पहले गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार को मीडिया से चर्चा में सक्सेना की नियुक्ति की पुष्टि कर दी थी। राज्य सरकार के अनुरोध पर केन्द्र सरकार ने सुधीर सक्सेना की सेवाएं बुधवार को प्रतिनियुक्ति से मूल कैडर को सौंप दी थी। उन्हें रिलीव भी किया गया था। इसके बाद से ही सुधीर सक्सेना का नया डीजीपी बनना तय माना जा रहा था। सुधीर सक्सेना 4 मार्च को प्रभार संभालेंगे। वर्तमान डीजीपी विवेक जौहरी 4 मार्च को रिटायर हो रहे है। जौहरी की सेवानिवृत्ति के अवसर पर चार मार्च को शाम साढ़े चार बजे विदाई परेड का आयोजन मोतीलाल नेहरू पुलिस स्टेडियम भोपाल में किया गया है।
सीएम के ओएसडी रह चुके हैं सुधीर सक्सेना
सुधीर सक्सेना 1989 से 1990 से जबलपुर के सीएसपी रहे। वहीं, 1992 से 2000 तक अलग-अलग समय पर राजगढ़, छिंदवाड़ा, रतलाम, जबलपुर में एसपी रहे। वर्ष 2012 से 2014 तक सीएम के ओएसडी रहे। इसके बाद 2014 से 2016 तक एडीजी एडमिन पुलिस मुख्यालय के पद पर रहे। इसके बाद 2016 में प्रतिनियुक्ति पर केन्द्र सरकार में चले गए। स्पेशल डीजी सीआईएसएफ भी रहे। वर्तमान में सुधीर सक्सेना कैबिनेट सचिवालय नई दिल्ली में सचिव सुरक्षा के पद पर पदस्थ थे।
वरिष्ठता में दूसरे नंबर पर सक्सेना
मध्य प्रदेश पुलिस कैडर में सुधीर सक्सेना वरिष्ठता क्रम में दूसरे नंबर के अधिकारी हैं। उनसे वरिष्ठ 1986 बैच के पुरुषोत्तम शर्मा है। निलंबित होने के कारण शर्मा का नाम डीजीपी के लिए चर्चा में शामिल नहीं किया गया। इस वजह से 1987 बैच के सुधीर सक्सेना का डीजीपी पद के लिए सबसे आगे माना जा रहा था।