सीहोर जिले के नसरुल्लागंज में पुलिस ने लाखों रुपये की चोरी के एक अनोखे मामले का खुलासा किया है। एक विवाहित महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर मायके से लाखों रुपये के गहने चोरी किए और उन्हें बेच दिया। पुलिस ने चोरी के आरोप में विवाहिता उसके प्रेमी और 3 सुनारों को गिरफ्तार किया है। घर वालों को चोरी की वारदात का पता करीब दो महीने बाद लगा, जिसके बाद उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई।
नसरुल्लागंज थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर ने बताया कि 28 जनवरी को फरियादी मनोज पैठारी ने एक आवेदन दिया था, जिसमें बताया कि 15 नवंबर 2021 को मेरे घर में अलमारी में सोने के दो मंगलसूत्र, पैंडिल, अंगूठी, कर्णफूल, चांदी की पायल, पट्टी, कंदौरा, बिछुड़ी, हाथ का जूड़ा गहने रखे थे। जिन्हें 27 जनवरी 2022 को देखा तो अलमारी में नहीं मिले। पुलिस ने रिपोर्ट पर अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर संदेही महिला मोनिका पैठारी पति संजय (उम्र 24 साल निवासी ग्राम बमनगांव) को पकड़ा। संदेही महिला से पूछताछ करने पर महिला ने अपने प्रेमी कृष्ण गोपाल बनवारी (निवासी लाड़कुई) के साथ मिलकर अपना जुर्म स्वीकार किया।
महिला ने पूछताछ में बताया कि चोरी किए जेवरात को दोनों ने मिलकर एक-एक करके लाड़कुई के सुनार रवि सोनी, दिलीप सोनी व संजय सोनी को बेचा है। जानकारी पर पुलिस की टीम तत्काल जेपी मार्केट व लाड़कुई क्षेत्र में सुनार की दुकान पर भेजा। आरोपी सुनारों ने भी अपना जुर्म स्वीकार किया है। सुनारों ने बताया कि महिला अपने प्रेमी के साथ अलग-अलग दिन सोने-चांदी के गहने बेचने आती थी।
प्रेमी के सुझाव पर बनवाई डुप्लीकेट चाबी
मायके वालों को चोरी का पता न चले और गहने भी चोरी हो जाएं, इसके लिए मोनिका के प्रेमी कृष्ण गोपाल बनवारी ने महिला को अलमारी की डुप्लीकेट चाबी बनाने का सुझाव दिया था। महिला ने अलमारी की चाबी की छाप साबुन पर ली और डुप्लीकेट चाबी बनवाकर अलमारी में रखे मां और भाभी के लाखों के गहने पार कर दिए।
ऐशो आराम पर खर्च किए पैसे
महिला और उसके प्रेमी ने चोरी के पैसों को खाने-पीने और नए कपड़े लेने में खर्च किया था। पुलिस ने आरोपियों से सोने-चांदी के जेवरात गलवाकर बेचने पर मिले 1 लाख 32 हजार 270 रुपये व सोने-चांदी के जेवरात जब्त किए हैं।