मध्यप्रदेश में कोरोना से संबंधित सभी पाबंदियों को पूरी तरह हटा दिया जाएगा। अब कर्फ्यू भी नहीं लगेगा। शादी-ब्याह से लेकर सामाजिक, धार्मिक आयोजनों में लोगों की संख्या को लेकर सीमा भी हटाई जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही।
इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के साथ कोरोना की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि सभी प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया जा रहा है। कुछ बिंदुओं में सावधानी बरतते हुए कुछ नियमों के पालन आवश्यक होंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में सेकंड डोज को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है। सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज अनिवार्य किए गए हैं। इसी तरह मेलों में दुकान लगाने वालों, सिनेमा देखने जाने वालों, सरकारी उचित मूल्य दुकानों से राशन लेने वालों के लिए भी दोनों डोज की अनिवार्यता के नियम बनाए गए हैं।
नई घोषणा से क्या होगा:
समस्त सामाजिक, राजनैतिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजन पूर्ण क्षमता के साथ हो सकेंगे। समस्त चल समरोह निकल सकेंगे। विवाह एवं अंतिम संस्कार पूर्ण क्षमता पर हो सकेंगे। नाइट कर्फ्यू नहीं लगेगा। सिनेमा हॉल, मॉल, स्विमिंग पूल, जिम, योगा सेंटर, रेस्टोरेंट, क्लब आदि 100% क्षमता पर खुल सकेंगे। स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, कोचिंग क्लासेस पूर्ण क्षमता से संचालित होंगे। मेलों में दुकानदार तभी दुकान लगा सकेंगे, जब वैक्सीन के दोनों डोज़ लगे होंगे। हॉस्टल में 18 वर्ष के ऊपर के छात्र/छात्राओं तथा समस्त स्टाफ को दोनों डोज़लगाना आवश्यक है। सिनेमा हॉल में स्टाफ को दोनों डोज तथा दर्शकों को कम से कम एक डोज लगी हो।
31 दिसंबर तक शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन का लक्ष्य
राज्य सरकार ने 31 दिसंबर 2021 तक फुल वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा है। जिन जिलों में वैक्सीन के दूसरे डोज में कमी देखी गई है, वहां गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने भिंड, खरगोन और सीधी जिलों की जानकारी ली, जहां 85% से कम लोगों ने पहला डोज लगवाया है।