कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बड़े भावुक माहौल में राघौगढ़ से अपने पुत्र जयवर्धन सिंह का नामांकन तो दाखिल करा दिया, लेकिन कांग्रेस की 115 उम्मीदवारों की सूची में जयवर्धन सिंह का नाम नहीं है।
दिग्विजय सिंह ने कहा था कि उन्होंने सूची जारी होने के पहले जयवर्धन सिंह का नामांकन दाखिल करने की विशेष अनुमति हाईकमान से ली है।
उन्होंने कहा था कि राघौगढ़ से जयवर्धन को प्रत्याशी नहीं बनाएगी तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगे।
कांग्रेस प्रवक्ता जेपी धनोपिया का कहना है कि जयवर्धन सिंह को कांग्रेस का आधिकारिक निशान तभी मिलेगा जब पार्टी उन्हें 'बी' फॉर्म देगी। अभी उन्होंने फार्म 'बी' दाखिल नहीं किया है, बल्कि सभी औपचारिकताएं पूरी की हैं।
जयवर्धन के अलावा सबलगढ़ विधायक सुरेश चौधरी और बमोरी से महेंद्र सिंह ने भी सूची जारी होने के पहले ही पर्चा दाखिल कर दिया था।
दिग्विजय ने आखिरी प्रचार बताया
गुना में शुक्रवार को दिग्विजय सिंह ने कहा था कि क्षेत्र में यह उनका आखिरी प्रचार हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है कि 2018 तक वह जीवित रहें या न रहें।
इसलिए जयवर्धन सिंह को जिम्मेदारी सौंप दी है। उनका यह भाषण सुनकर उनके बेटे जयवर्धन सिंह रो पड़े।