अब दवा के असली या नकली होने और उसकी सही कीमत की जानकारी लोगों को एसएमएस के जरिये आसानी से मिल सकेगी। इसके लिये स्वास्थ्य विभाग जल्दी ही राजधानी में एसएमएस सुविधा शुरू करने जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इस सेवा को शुरू करने के लिये टेंडर जारी कर दिये हैं। इस सेवा के 26 जनवरी से शुरू होने की संभावना है।
लोगों को दवा खरीदने में किसी प्रकार का धोखा न हो इसलिये नेशनल फार्मास्यूटीकल प्राईजिंग अथॉरिटी ने ग्राहकों की सुविधा के लिए एसएमएस हेल्प लाइन शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत एसएमएस करने से न सिर्फ दवा की असल कीमत की जानकारी मिल जाएगी, बल्कि दवा के नकली होने का शक है तो इसका पता भी एसएमएस के जरिए हो सकेगा।
जल्द ही इस हेल्पलाइन के लिये एक टोल फ्री नंबर जारी किया जायेगा। लोगों को इस नंबर पर केमिस्ट से खरीदी गई दवा पर लिखे बैच नंबर और दवाई का नाम डालकर मैसेज करना होगा। थोड़ी देर बाद उस दवा का ओरिजनल स्टेटस मैसेज के द्वारा आपके मोबाइल पर आ जाएगा। इसके लिये केन्द्र सरकार ने आवश्यक दवाईयों की सूची तैयार की है।
इन दवाओं की कीमत को भी नियंत्रित किया गया है। इन दवाओं को कंपनियां सरकार द्वारा तय कीमत से अधिकर पर नहीं बेच सकती हैं। दवाईयों की सूची में किस दवा की क्या कीमत है, इसकी जानकारी एसएमएस हेल्प लाइन से मिल सकेगी। इससे दवा निर्माता कंपनियां या केमिस्ट ग्राहकों से निर्धारित कीमत से अधिक कीमत नहीं वसूल पाएंगे। एसएमएस के जरिए पहले ब्रांडेड दवाईयों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। बाद में इसमें जेनेरिक दवाओं को भी जोड़ दिया जाएगा।