मध्यप्रदेश में हायर एजुकेशन से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रमों के साथ प्रोफेशनल या सर्टिफिकेट कोर्स करने की अनुमति छात्रों को मिल गई है। कॉलेजों के लिए भी 25 प्रोफेशनल कोर्सेस तय किए गए हैं, जिनमें से कम से कम दो कोर्स उन्हें अपने कॉलेज में संचालित करने होंगे। नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
अपर आयुक्त उच्च शिक्षा दीपक सिंह ने बताया कि छात्र अपनी रुचि के अनुसार कॉलेजों में संचालित होने वाले प्रोफेशनल कोर्स कर सकते हैं। विभागीय वेबसाइट पर इन 25 प्रोफेशनल कोर्सेस की सूची दी गई है। अगर कॉलेज में छात्रों को अपनी रुचि का प्रोफेशनल कोर्स नहीं मिलता है तो वे SWAYAM पोर्टल पर उपलब्ध सामान क्रेडिट या उससे अधिक क्रेडिट के प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई ऑनलाइन कर सकेंगे। इसके लिए छात्र को संबंधित कॉलेजों के सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी।
SWAYAM पोर्टल पर उपलब्ध कोर्स यदि निर्धारित क्रेडिट से अधिक क्रेडिट का है तो छात्र को मिले अतिरिक्त क्रेडिट को ग्रेड कार्ड में दर्शाया जाएगा। हालांकि, इस अतिरिक्त क्रेडिट को सीजीपीए की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। विभाग ने विद्यार्थियों को पूर्व में चयनित मेजर, माइनर, ऑप्शनल एवं प्रोफेशनल कोर्स में बदलाव करने का अवसर भी दिया है। यह व्यवस्था कॉलेज स्तर पर इंटरनल रहेगी। छात्रों को कॉलेजों में विषय या संकाय बदलने संबंधी कार्यवाही पूर्व निर्धारित नियमों के आधार पर 8 से 20 नवंबर 2021 तक करनी होगी।
कॉलेजों में पढ़ रहे छात्र डिग्री कोर्स के साथ महाविद्यालय में संचालित सर्टिफिकेट/डिप्लोमा कोर्स चुन सकेंगे। इन कोर्स के चयन के लिए आवेदन का प्रारूप उच्च शिक्षा विभाग के पोर्टल पर, नए निर्देश में, एमपी ऑनलाइन के पोर्टल epravesh.mponline.gov.in पर उपलब्ध होगा। साथ ही छात्र कॉलेजों से भी आवेदन का फॉर्मेट प्राप्त कर सकेंगे। कॉलेज, पोर्टल पर सर्टिफिकेट/डिप्लोमा कोर्स की जानकारी 3 नवंबर 2021 तक अपडेट करना होगी।