अरविंद दुबे ने कोयला खानों में संचालन के क्षेत्र का विस्तार करने का भी अनुरोध किया, ताकि प्रदेश की ऊर्जा धानी सिंगरौली कोयले से अपनी आय बढ़ा सके। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने आश्वासन दिया कि वह सिंगरौली के लिए कोयला एवं खनन क्षेत्र की आवश्यकताओं पर विचार करेंगे।
मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के समाजसेवी एवं विस्थापित नेता अरविंद दुबे ने हाल ही में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी के साथ बैठक की। इस बैठक में ऊर्जा धानी के रूप में विख्यात सिंगरौली जिले की खनिज क्षमता के दोहन और खनन क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में जिले में नए खनिजों के दोहन और कोयला खदानों में स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाए जाने की भी मांग की गई।
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अरविंद दुबे ने कोयला खानों में संचालन के क्षेत्र का विस्तार करने का भी अनुरोध किया, ताकि प्रदेश की ऊर्जा धानी सिंगरौली कोयले से अपनी आय बढ़ा सके। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने आश्वासन दिया कि वह सिंगरौली के लिए कोयला एवं खनन क्षेत्र की आवश्यकताओं पर विचार करेंगे, जो अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। साथ ही कोयला खदानों में जिले के स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया।
अरविंद दुबे ने कोयला मंत्री से आग्रह किया कि सिंगरौली में कोयले से संबंधित कई अहम मुद्दे हैं- पुनर्वास, विस्थापन से लेकर स्थानीय स्तर पर कई समस्याएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि सिंगरौली में भारत सरकार की मिनी रत्न कंपनी कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी एनसीएल की 12 कोयला खदानों से प्रभावित स्थानीय बेरोजगार युवाओं को एनसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनियों में रोजगार के अवसर मिलने चाहिए। साथ ही असंगठित एवं ठेका मजदूरों को उनका अधिकार मिलना चाहिए। अरविंद दुबे ने बताया कि मंत्री ने मामले को गंभीरता से सुना और प्रमुख मुद्दों को लिखित रूप में प्रस्तुत करने को कहा। कोयला मंत्री ने आश्वस्त किया है कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की जाएगी।