बेअंत दर्द की कहानी, पीड़िता की जुबानी
मामले में पीड़िता युवती ने बताया कि मैं लगभग मंगलवार की दोपहर दो बजे अपने दोस्त के साथ बरीगवा गांव की तरफ गई थी, जहां फोटो खिंचवाने के लिए जंगल की तरफ हम दोनों निकल गए। इसके बाद चार लोग घात लगाकर बैठे हुए थे और जैसे ही हम नीचे उतरने लगे, वैसे ही मेरा मुंह दबा लिया। मेरे दोस्त के सिर पर एक डंडा मारा, जिसकी वजह से वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद मुझे उठाकर दो लोग ऊपर जंगल की ऊंचाई तक ले गए और दो लोग मेरे दोस्त को पकड़े हुए थे।
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सभी ने मिलकर मेरे साथ दुष्कर्म किया है। मैं रोती रही, गिड़गिड़ाती रही, उनके पैर पड़ती रही, पर किसी ने मुझ पर दया नहीं की। इसके बाद उन्होंने मुझे धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो तुम दोनों को जान से खत्म कर देंगे। फिर मेरा और मेरे दोस्त का फोन लेकर सभी भाग गए। इसके बाद मैं और मेरा दोस्त जंगल से भागकर नीचे आए और गांव वालों को इसकी सूचना दी।
सीधी में सामूहिक दुष्कर्म की पड़ताल करने पहुंची पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
प्रत्यक्षदर्शी दलवीर सिंह गोंड का बयान
पीड़िता युवती जिस ग्रामीण से सबसे पहले मिली और मदद की मांग की। उस ग्रामीण दलवीर सिंह गोंड ने बताया कि मैं अपने गांव में भवन निर्माण का कार्य कर रहा था, तभी दो से ढाई बजे के बीच में एक युवती रोते हुए, गिरते-पड़ते हुए हालत में आई। मुझे बताया कि मेरे साथ दुष्कर्म हुआ है, जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। फिर पुलिस मौके पर पहुंची। जहां मैं पुलिस के साथ जंगल की तरफ गया। जहां पुलिस ने मेरा बयान लिया और फिर तेजी से पूछताछ करती रही। पूरी रात पुलिस मेरे गांव और आसपास के गांव में घूमती रही, जिसके बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल था।
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एसडीओपी आशुतोष द्विवेदी ने दी जानकारी।
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