सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र की रीवा-सीधी सीमा पर स्थित छुहिया घाटी में ओडिशा पुलिस की अभिरक्षा से NDPS आरोपी आदित्य मिश्रा को छुड़ाकर ले जाने के मामले की जांच में पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा है। सीधी पुलिस ने मामले में कुंवर प्रताप सिंह उर्फ शिवम सिंह को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले आरोपियों के बीच संपर्क और बातचीत के लिए जंगी ऐप का इस्तेमाल किया गया था। इसी ऐप के माध्यम से कॉलिंग और मैसेज भेजने का काम किया जा रहा था।
सीधी एसपी संतोष कोरी ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जिले की करीब 37 से अधिक पुलिसकर्मियों की पार्टी बनाई गई थी। अलग-अलग स्थानों पर लगातार छापेमारी की जा रही थी। इसी कार्रवाई के दौरान रीवा जिले के रहने वाले कुंवर प्रताप सिंह उर्फ शिवम सिंह को उसके प्रयागराज स्थित पुराने घर से गिरफ्तार किया गया।
रात 12 बजे जंगी ऐप से संपर्क का दावा
पुलिस पूछताछ में कुंवर प्रताप सिंह ने बताया कि उसे शुरुआत में यह जानकारी नहीं थी कि आगे क्या होने वाला है। आरोपी के अनुसार, घटना वाली रात करीब 12 बजे संजय पटेल और संग्राम सिंह नाम के दो लोगों ने उससे संपर्क किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि संपर्क के लिए जंगी ऐप का इस्तेमाल किया गया था और इसी माध्यम से कॉल तथा मैसेज के जरिए बातचीत हुई।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि इसके बाद शहडोल में उसे पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली। फिर इसी जानकारी के आधार पर छुहिया घाटी में हुई वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि जंगी ऐप पर किन-किन लोगों के बीच बातचीत हुई, कब-कब संपर्क किया गया और वारदात से पहले आरोपी की लोकेशन तथा पुलिस वाहन के रूट की जानकारी किस तरह साझा की गई।
पूछताछ में इन लोगों के नाम सामने आए
एसपी के मुताबिक कुंवर प्रताप सिंह ने पूछताछ में अपने अलावा कुलदीप ओझा, संजय पटेल, सचिन पटेल, आशीष पटेल, संग्राम सिंह, राजा पटेल, पुन्नी और रवि समेत अन्य करीब पांच लोगों के नाम बताए हैं। पुलिस इन सभी नामों की भूमिका की जांच कर रही है। केवल आरोपी के बयान के आधार पर किसी व्यक्ति की संलिप्तता अंतिम रूप से तय नहीं मानी जा रही है।
AK-47 से लैस पुलिस टीम से छुड़ाया गया था आरोपी
गौरतलब है कि 29 सितंबर को ओडिशा पुलिस की टीम NDPS मामले में आरोपी आदित्य मिश्रा को ओडिशा से रीवा न्यायालय में पेशी के लिए लेकर आ रही थी। छुहिया घाटी में कई वाहनों में आए लोगों ने पुलिस वाहन को घेरकर कथित तौर पर हमला किया और आदित्य मिश्रा को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाकर फरार हो गए। घटना के समय ओडिशा पुलिस के आठ जवान मौजूद थे और उनके पास AK-47 सहित अन्य हथियार बताए गए थे।
पुलिस के मुताबिक हमले के दौरान फायरिंग और मारपीट भी हुई थी। वारदात के बाद आरोपियों की तलाश में सीधी, रीवा और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस टीमों को लगाया गया था।
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एक आरोपी पर कार्रवाई, बाकी की तलाश जारी
एसपी संतोष कोरी ने बताया कि मामले में आईजी द्वारा 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। अब एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों के संबंध में जानकारी देने वाले व्यक्ति को 30-30 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
फिलहाल पुलिस जंगी ऐप के माध्यम से हुई कथित बातचीत, आरोपियों के मोबाइल संपर्क, उनकी लोकेशन और वारदात से पहले की गतिविधियों को जांच की महत्वपूर्ण कड़ी मानकर आगे बढ़ रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आदित्य मिश्रा को छुड़ाने की योजना कब बनी, किसने किसे सूचना दी और पुलिस टीम के आने-जाने की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी।