मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले के बारे में कहा है कि उन पर लगाया एक भी आरोप सही साबित हुआ तो वे दुनिया से संन्यास ले लेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, "व्यापमं बनाने की जरूरत क्यों पड़ी? पहले मनचाही भर्तियां होती थीं।" दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "जब दिग्विजय मुख्यमंत्री थे तो मानवीय आधार पर नियक्तियां कर देते थे।"
मुख्यमंत्री ने दिग्विजय सिंह के शासनकाल के ऐसे नियुक्ति-पत्र की प्रति भी लहराई।
'सदन में रखूंगा एक-एक तथ्य'
जब विधानसभा में मुख्यमंत्री व्यापमं घोटाले पर चर्चा का जवाब दे रहे थे, कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया। मुख्यमंत्री ने जब दिग्विजय शासनकाल का नियुक्ति पत्र लहराया और मनमानी नियुक्तियों का जिक्र किया तो कांग्रेस ने हंगामा किया और धरना भी दिया।
हंगामे के चलते मुख्यमंत्री को अपना भाषण अधूरा छोड़ना पड़ा। शिवराज सिंह चौहान ने बाद में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, "उनका भाषण अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्हें अब भी बहुत सी बातें तथ्यों सहित रखनी है। वे सदन में रखेंगे। गुरुवार को उनका भाषण पूरा होगा।"
प्रेस कांफ्रेस में मुख्यमंत्री ने कहा, "कांग्रेस की रुचि व्यापमं को दुरुस्त करने में नहीं है, वह तो उनकी छवि खराब करना चाहती है, प्रतिमा खंडित करना चाहती है। उनके ऊपर व्यक्तिगत आरोप और लांछन लगाए गए। ऐसा प्रस्तुत किया गया कि नियुक्तियों में जैसे बहुत बड़ी गड़बड़ी कर दी हो और अनुचित भर्तियां कर ली हों।"
कांग्रेस पर बरसे शिवराज
मुख्यमंत्री ने कहा, "व्यापमं बना क्यों, इसलिए क्योंकि पहले तो भर्ती की कोई प्रक्रिया ही नहीं थी। मनचाही भर्तियां की जाती थीं। अंधा बांटे रेवड़ी, चीन्ह-चीन्ह के देय।"
मुख्यमंत्री का दावा है कि गड़बड़ियां थोड़ी हैं। इन्हें उंगलियों पर गिना जा सकता है। उन्होंने कहा, "अब तक केवल 228 गड़बड़ियां पकड़ी गई हैं। सरकार ने 2009 में पहली बार पीएमटी में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई की। पूछताछ में जिन लोगों के नाम आए, उन्हें पकड़ा गया।"
भ्रम फैलाने का लगाया आरोप
उन्होंने कहा, "हमारी सोच थी कि विशेष कार्यबल (एसटीएफ) इसकी जांच करे, तो एसटीएफ जांच कर रही है। कार्रवाई सबके सामने है। फिर भी आरोप लगाए गए कि एसटीएफ ठीक जांच नहीं कर रही। अब हाईकोर्ट मानिटरिंग कर रहा है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "जब अदालत की निगरानी में जांच हो रही है तब आपके पास सबूत है तो अदालत जाओ। लेकिन वे तो भ्रम का वातावरण फैलाने में लगे हैं।"
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "वह सदन में एक-एक तथ्य पर बात करना चाहते हैं। कांग्रेस का रवैया यह है कि आरोप लगाओ, कीच़ड़ उछालो और भाग जाओ। यह असली आरोपियों से ध्यान हटाने का प्रयास है।" अब मुख्यमंत्री गुरुवार को अपना भाषण पूरा करना चाहते हैं।