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शिवराज की क्लास में जपा गया 'आप' का मंत्र

Sat, 14 Dec 2013 12:05 AM IST
जयप्रकाश पाराशर/अमर उजाला, भोपाल
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आम आदमी पार्टी की सफलता से सीखने में शिवराज सिंह चौहान ने जरा भी देर नहीं लगाई है।
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मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से एक दिन पहले शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा के नए विधायकों को नसीहत दी है कि सत्ता के दलाल आपको लुभाने आएंगे, आपको घेरेंगे, उनसे सावधान रहना। अगर आप नहीं बदले तो जनता बदल देगी।

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चौहान का भाषण भारत में भविष्य की राजनीति का फलसफा था, वहीं अपने तमाम मंत्रियों और नेताओं को संकेत दे दिए हैं कि वे अपने सार्वजनिक आचरण को समय रहते सुधार लें और इस जीत से लापरवाह नहीं हो जाएं।
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विधायकों को ताकत देंगे
आत्म निरीक्षण करते हुए चौहान ने कहा, ‘हमने ऐसी सीटें जीत लीं जो हम कभी नहीं जीते थे। लेकिन जो सीटें हम हारने की कल्पना नहीं करते थे, वो सीटें हम हार गए हैं। ध्यान रखना चकाचौंध में मेहनत करने वाला कार्यकर्ता पीछे छूट जाता है। ऐसे लोग आगे आ जाते हैं, जो सत्ता के दलाल होते हैं। जिन्हें भाजपा में कभी देखा नहीं, वे तुम्हें घेरा-घेरी करने की कोशिश करेंगे, उनसे बचकर रहना।’

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शिवराज ने कहा कि मंत्री सीमित संख्या में बनाए जा सकते हैं, इससे निराश मत होना। हम विधायकों को इतनी ताकत देंगे कि वे अपने क्षेत्र में मंत्री से भी ज्यादा काम कर सके।

शिवराज ने कहा, ‘हम ऐसी परिस्थितियां बनाएंगे कि विधायक ज्यादा से ज्यादा लाभ योजनाओं का जनता तक पहुंचा सकें योजनाओं का लाभ दिला दिया तो दुनिया की कोई ताकत आपको पराजित नहीं करी सकती।’

शिवराज ने विधायकों से कहा कि मानवीय संवेदना और मानवीय गरिमा को मत भूलना। अगर आप अपनी सीट भी नहीं बचा पाए तो इससे ज्यादा नुकसान भाजपा को नहीं होगा।

अपना दिया उदाहरण
शिवराज सिंह ने अपना उदाहरण देते हुए कहा, ‘मैंने ट्रेक्टर चलाया, पानी दिया है, गुड़ाई का काम किया है, रेंहट (खेतों में बैलों के माध्यम से पानी चलाने वाली चरस) चलाने का काम किया है। यह पार्टी एक ऐसी पार्टी है, जो साधारण कार्यकर्ता को शिखर पर पहुंचाने का काम करती है।’

शिवराज ने अपने बारे में कहा कि वह एक दिन भी इंतजार नहीं करते। जब चुनाव के नतीजे नहीं आए उसके पहले ही वे विदिशा जाकर लोगों का आभार व्यक्त करने लगे थे।

शिवराज ने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि कुशाभाऊ ठाकरे जैसे नेताओं को मत भूलना जिन्होंने 25 पैसे की ककड़ी खाकर पार्टी का काम किया है। वे नींव का पत्थर रहे हैं।

शिवराज ने विधायकों को नसीहत दी, ‘जीत का असली हकदार कार्यकर्ता है, हम तो गाड़ियों में बैठकर आ जाते हैं, लेकिन वहां कार्यकर्ता ही बहस करता है, लड़ता है, उसे संघर्ष करना पड़ता है। यह उनकी जीत है, जिनकी जयजयकार के नारे नहीं लगते।’

शिवराज ने कहा, ’यह जीत शिवराज और आपकी नहीं है। याद रखना दोबारा जीतना कठिन होता है। इसलिए कल से ही जुट जाओ। मैं तो पहले दिन से काम करूंगा। एक दिन का भी विश्राम नहीं करूंगा।‘
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सफलता का सूत्र
शिवराज सिंह अपनी सफलता का एक सूत्र पार्टी की बैठकों में पहले भी देते रहे हैं। विधायक दल की बैठक में भी शिवराज ने इस सूत्र को दोहराया।
पांव में चक्कर, मुंह में शक्कर
सीने में आग, सिर पर बरफ
उनके इस सूत्र का अर्थ हैः
हमेशा अपने क्षेत्र में घूमते रहो। जनता से हमेशा विनम्रता से बात करते रहो। सफलता के लिए महत्वाकांक्षा बनाए रखो और गुस्से पर नियंत्रण रखो, नाराज मत होओ, झुंझलाओ मत।
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