मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को भोपाल के मिंटो हॉल से महिला स्व-सहायता समूहों को 300 करोड़ का ऋण वितरित किया। सीएम चौहान विभिन्न जिलों के स्व-सहायता समूहों से वर्चुअल रूप से जुड़े और ऋण वितरित करने के साथ ही उन्होंने स्व-सहायता समूहों से संवाद भी किया।
इस अवसर पर महिला स्व-सहायता समूहों को संबोधित करते हुए सीएम चौहान ने महिलाओं को सशक्त और सक्षम बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही। अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास से जीवन यापन के लिए धन बहुत जरूरी है, इसलिए मैं चाहता हूं कि हमारी बहनें आर्थिक रूप से सशक्त और सक्षम बनें, आजीविका मिशन से हमें इस ध्येय की प्राप्ति में बहुत मदद मिल रही है।
महिलाओं को दिया 50 फीसदी आरक्षण
सीएम शिवराज ने कहा कि प्रदेश की बहनों के स्व-सहायता समूह को बैंकों से ऋण प्राप्त होता रहे और वह आगे बढ़ती रहें, इसके लिए मैं स्वयं बैंकों के साथ बैठकें करता हूं। सीएम ने स्व-सहायता समूह की बहनों को भरोसा दिलाया कि वे हर कदम पर उनके साथ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पंचायत, नगर पालिका, पार्षद, मेयर और सरपंच जैसे पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण बहन-बेटियों को दिया है। अब बहने बड़े-बड़े पदों पर सफलतापूर्वक काम कर रही हैं। मैं चाहता हूं कि मेरी हर बहन पैसा कमाए और सम्मान के साथ जिए। उसकी आमदनी बढ़े और इसका सबसे प्रभावी उपाय है आजीविका मिशन। मेरा सपना है कि मेरी हर गरीब बहन आजीविका मिशन से जुड़कर कम से कम 10 हजार रुपये महीना कमाने लगे।
ऑनलाइन प्रोडक्ट बेचने का किया आग्रह
सीएम चौहान ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से उनके बनाए उत्पादों को आजीविका मार्ट पोर्टल के माध्यम से बेचने का प्रयास करने का आग्रह किया। सीएम ने कहा कि ऑनलाइन पोर्टल में प्रोडक्ट अपलोड करने से आपको घर बैठे ही ऑर्डर मिलने लगेंगे।
सीएम ने कहा कि बचपन से ही मैंने बेटे और बेटियों के बीच भेदभाव होते देखा है। तभी से दिमाग में यह बात बैठ गई कि मां, बहन और बेटी के सशक्तिकरण के लिए हर संभव कार्य करना है। मैंने संबल योजना बनाई, ताकि बच्चों के जन्म से पहले नारी शक्ति के हितों की सुरक्षा हो सके। बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रारंभ की और मुझे बताते हुए गर्व की अनुभूति होती है कि 41 लाख से अधिक बेटियां लाड़ली लक्ष्मी बन चुकी हैं। अब हम लाड़ली लक्ष्मी 2.0 योजना शुरू करने वाले हैं।