मध्यप्रदेश में निकाय चुनाव होने में अभी समय है, लेकिन इससे पहले अवैध कॉलोनीवासियों को सरकार बड़ी राहत देने की योजना बना रही है। शिवराज सरकार अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए अध्यादेश लाने जा रही है। 6 जुलाई यानी मंगलवार को शिवराज कैबिनेट की होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। बता दें कि प्रदेश में 6,876 अवैध कॉलोनियां नियमित करने के विधेयक को अध्यादेश के माध्यम से लागू किया जाएगा। सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनियां ग्वालियर में हैं।
दरअसल, सरकार बजट सत्र में संशोधन विधेयक लाने की तैयारी की थी, लेकिन कोरोना को देखते हुए सत्र समय से पहले स्थगित हो गया। अब विधानसभा का मानसून सत्र 15 अगस्त के बाद आयोजित होने की संभावना है, लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस विधेयक को जुलाई में ही लागू करना चाहते हैं। निकाय चुनाव से पहले इसके नियम बनाए जाएं। जिसमें अवैध कॉलोनी की नियमित योग्य कॉलोनी में इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए कॉलोनाइजर और रहवासियों से कितनी राशि लेनी है उसकी रुपरेखा तैयार होगी।
नियमित होने से लोगों को मिलेगी सुविधा
वैध कॉलोनी होने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों के बैंक लोन लेने की सुविधा मिल जाएगी। कॉलोनी में नगरीय निकाय के जरिए सड़क, बिजली, पानी की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा जिन मकानों में नक्शे से अधिक निर्माण किया है, उसमें 20% अधिक निर्माण किया है समझौता शुल्क लेकर सेटल किया जाएगा।
चुनाव में भाजपा को मिलेगा लाभ
बता दें कि प्रदेश में 6500 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां हैं। ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल और इंदौर में ऐसी कॉलोनियां हैं। शिवराज सरकार अगर निकाय चुनाव से पहले नियमित करती है तो भाजपा को निकाय चुनाव में फायदा होगा।